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इंदौर : भोजशाला का सर्वे आज से, खुदाई के लिए धार पहुंची टीम

इंदौर : भोजशाला का इतिहास एक हजार साल से भी ज्यादा पुराना है। हिन्दू संगठनों के अनुसार भोजशाला धार के राजा भोज ने बनाई थी। सरस्वती सदन के रुप में भोजशाला शिक्षा का बड़ा केंद्र थी। राजवंश काल में यहां सूफी संत कमाल मौलाना की दरगाह बन गई।

धार भोजशाला एक बार फिर चर्चा में है। कई वर्षों से भोजशाला को लेकर विवाद है। उस पर हिन्दू और मुस्लिम अपना हक जताते हैं। हिन्दू पक्ष का कहना है कि यहां सरस्वती मंदिर है, जबकि मुस्लिम पक्ष भोजशाला को इबादतगाह बताता है।

भोजशाला का सच क्या हैै। यह जानने के लिए आर्कियोलाॅजिक्ल सर्वे आफ इंडिया का दल धार पहुंच गया है। हाईकोर्ट के निर्देश पर भोजशाला के सर्वे के लिए शुक्रवार से खुदाई शुरू होगी। भोजशाला मामले में इंदौर में लगी याचिका पर सुनवाई के बाद फरवरी माह में सर्वे के आदेश दिए थे।

विशेषज्ञों की टीम खुदाई कर यह देखेगी कि भोजशाला का जब निर्माण हुआ था, तब उसकी बनावट किस शैली की है और पत्थरों पर किस तरह के चिन्ह अंकित है। टीम अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट को सौंपेगी। जिसके आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।

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