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इस्राइल से जुड़े एक और जहाज का अपहरण, चालक दल में भारतीय शामिल

नई दिल्ली/तेल अवीव-NewsXpoz : इस्राइल से जुड़े एक और जहाज को निशाना बनए जाने की खबर सामने आई है। घटना यमन के तट के पास अदन की है। जहाज का प्रबंधन जोडियाक मैरीटाइम करता है। जोडियाक ने रविवार को कहा कि इस्राइल से जुड़े एक जहाज को यमन के तट के पास अदन की खाड़ी में अज्ञात लोगों ने अपहरण कर लिया गया। जोडियाक ने एक बयान में कहा कि जहाज पर सवार चालक दल के 22 सदस्यों की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है। कंपनी ने कहा कि जहाज का कप्तान तुर्किये का है, जबकि चालक दल में रूसी, वियतनामी, बुल्गारिया, भारतीय, जॉर्जियाई और फिलिपिनो नागरिक शामिल हैं। जहाज पर फॉस्फोरिक एसिड लदा है।

निजी खुफिया फर्म एंब्रे ने बताया कि सेंट्रल पार्क नाम के जहाज को निशाना बनाया गया है। रविवार को अदन की खाड़ी में इस जहाज को जब्त कर लिया गया। जहाज का मालिकाना हक ज़ोडियाक मैरीटाइम कंपनी के पास है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि जहाज के अपहरण के पीछे किसका हाथ है? एंब्रे ने कहा कि ऐसा लगता है कि अमेरिकी नौसैनिक बल स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और उन्होंने अन्य जहाजों को क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा है।

गौरतलब है कि अदन की खाड़ी पर यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार का नियंत्रण है। खबरों के अनुसार, अदन पर सरकार से संबद्ध बलों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन का कब्जा है। यहां पिछले कई साल से यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों से लड़ाई हो रही है। शुक्रवार को एक ईरानी ड्रोन ने हिंद महासागर में इस्राइल के स्वामित्व वाले वाणिज्यिक जहाज पर हमला किया।

लाल सागर में परिवहन जहाज हाईजैक : बता दें कि इस्राइल और हमास के बीच युद्ध बीते सात अक्तूबर को शुरू हुआ। आतंकवादी हमले के जवाब में इस्राइली सेना (IDF) बीते 50 दिनों से हमास के आतंकी ठिकानों को नष्ट करने में जुटी है। इससे पहले पिछले सप्ताह भी हूती विद्रोहियों की खबर सामने आई थी। इस मामले में भी यमन के पास लाल सागर में एक वाहन परिवहन जहाज हाईजैक किया गया था। इस संबंध में आई रिपोर्ट के अनुसार, जहाज को निशाना बनाने की धमकी की बात भी सामने आई थी।

अमेरिकी नौसेना का बयान : गौरतलब है कि अमेरिकी नौसेना का 5वां बेड़ा मध्यपूर्व में गश्त करता है। तेल टैंकर को निशाना बनाए जाने की खबरों पर समाचार एजेंसी- एसोसिएटेड प्रेस ने नौसेना से कई सवाल किए। हालांकि, सवालों का जवाब नहीं मिला है। इसी बीच निजी खुफिया फर्म एंब्रे ने कहा, ऐसा प्रतीत होता है कि अमेरिकी नौसैनिक इलाके में तैनात हैं। उन्होंने जहाजों को संबंधित क्षेत्र से दूर रहने के लिए कहा है।

अदन की खाड़ी में पहले भी जहाजों पर हमला हुआ : एक अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने शनिवार (स्थानीय समय) को कहा, सेंट्रल पार्क नाम के टैंकर की जब्ती हुई है। इससे पहले इस्राइली अरबपति के मालिकाना हक वाले कंटेनर जहाज सीएमए सीजीएम सिमी पर शुक्रवार को हमला हुआ था। खबरों के अनुसार, हिंद महासागर में एक संदिग्ध ईरानी ड्रोन ने इस पर हमला किया था।

हूती विद्रोही और ईरान के आक्रामक होने का कारण : हमले के कारणों पर एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, हूती विद्रोही और ईरान इसलिए आक्रामक हैं क्योंकि इस्राइल ने गाजा पट्टी में हमास के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। अधिकारी ने बताया कि उन्हें खुफिया मामलों पर चर्चा करने की अनुमति नहीं है।

समुद्री परिवहन पर खतरा : गौरतलब है कि यमन के पास और अदन की खाड़ी में जहाजों और तेल टैंकरों पर हमलों के कारण वैश्विक समुद्री परिवहन पर लगातार खतरा मंडरा रहा है। इससे व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष का खतरा मंडराने लगा है। भले ही इस्राइल और हमास के बीच संघर्ष विराम के कारण लड़ाई चार दिनों के लिए थमी है, लेकिन हालात सामान्य होने के आसार नहीं हैं। इस्राइली प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने साफ किया है कि युद्धविराम के बावजूद इस्राइली सेना (IDF) हमास के खिलाफ कार्रवाई बंद नहीं करेगी। हमास ने बंधकों को रिहा किया है। बदले में इस्राइल ने भी फलस्तीनी कैदियों को रिहा किया है।

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