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ऑनलाइन शॉपिंग में बरतें सावधानी, वरना साइबर ठगी के हो जाएंगे ‘शिकार’!

धनबाद-NewsXpoz (राजीव सिन्हा 9135421800) : आधुनिकता और तेजी से मार्केटिंग की दुनिया में हो रहे बदलाव की वजह से ऑनलाइन मार्केटिंग का ट्रेंड लोगों की एक जरूरत बन गयी है। इससे लोगों को समय बचत के साथ-साथ प्रोडक्ट सिलेक्शन में वैरायटी, कीमत और अनेक जानकारियां घर बैठे जानने को मिल जाती है। अगर कहा जाए कि अब खरीदारी का तरीका बदल चुका है, तो शायद इसमें कुछ गलत नहीं होगा? क्योंकि अब लोग और खासतौर पर युवा ऑनलाइन शॉपिंग (Online-Fraud) करते हैं। यहां लोगों को कई सामानों पर अच्छी छूट मिल जाती है और सामान लेने कहीं जाना भी नहीं पड़ता।


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वहीं, पेमेंट करने का तरीका भी बेहद सरल और सुरक्षित माना जाता है, लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग (Online-Fraud) जितनी सुविधाजनक है, उतना ही कष्टदायक भी है। यहां फ्रॉड भी हो जाता है? आपकी एक छोटी सी गलती के कारण ठगी तक हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि आपको ऑनलाइन शॉपिंग करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।

ऐसे होता है ग्राहकों के साथ शॉपिंग में फ्रॉड : जब ग्राहक शॉपिंग करते हैं तो अपना पसंदीदा प्रोडक्ट सिलेक्ट करने के बाद डायरेक्ट पेमेंट कर देते हैं और प्रोडक्ट डिलीवर होने का इंतजार करते रहते हैं। इस तरह से शॉपिंग करने से आपका प्रोडक्ट अनसेफ हो जाता है। दरअसल ज्यादातर लोग प्रोडक्ट की डिलीवरी के लिए ओपन बॉक्स डिलीवरी का ऑप्शन सिलेक्ट नहीं करते हैं, जिसकी वजह से जब डिलीवरी (Online-Fraud) एग्जीक्यूटिव आपको प्रोडक्ट देने आता है तो वो आपको प्रोडक्ट देकर चला जाता है। उसके बाद वो प्रोडक्ट फेक या टूटा हुआ निकले तो उसकी कोई जिम्मेवारी नहीं होती है।

ओपन बॉक्स डिलीवरी का ऑप्शन करें सिलेक्ट : अगर प्रोडक्ट खरीद रहे हैं तो आपको ओपन बॉक्स डिलीवरी (Online-Fraud) ही सिलेक्ट करनी चाहिए। ओपन बॉक्स डिलीवरी सिलेक्ट करने पर डिलीवरी एग्जीक्यूटिव आपको आपके सामने ही प्रोडक्ट का पैकेट ओपन करके दिखाता है और आपके पूरी तरह संतुष्ट हो जाने के बाद ही वहां से जाता है। अगर आपने ओपन बॉक्स डिलीवरी का ऑप्शन नहीं चुना है तो आप किसी भी शॉपिंग एग्जीक्यूटिव को बॉक्स खोलने के लिए नहीं बोल सकते हैं।

बनाएं अनबॉक्सिंग वीडियो : जैसा कि ऊपर बताया कि अगर आपने ओपन बॉक्स डिलीवरी (Online-Fraud) का ऑप्शन सेलेक्ट किया है, तो उसमें डिलीवरी एग्जीक्यूटिव आपके सामने प्रोडक्ट के पैकेट को ओपन करता है। इस दौरान आपको इसकी अनबॉक्सिंग की वीडियो अपने स्मार्टफोन में बना लेनी चाहिए। इससे आपके पास एक पक्का एविडेंस हो जाता है। अगर कंपनी उस प्रोडक्ट के खराब निकलने के बाद जवाबदेह नही होती है, तो आप इसकी मदद से कानूनी कार्रवाई करा सकते हैं।

ऐसे होता है सबसे ज्यादा फ्रॉड : आपको बता दें कि जब कंपनी लोकल वेंडर की मदद से प्रोडक्ट डिलीवर करवाती है, तभी सबसे ज्यादा फ्रॉड होने की आशंका रहती है। क्योंकि ओपन बॉक्स डिलीवरी (Online-Fraud) ना होने की वजह से शॉपिंग एग्जीक्यूटिव आपके असली प्रोडक्ट को रिप्लेस करके उसकी जगह पर कोई नकली प्रोडक्ट या खराब प्रोडक्ट रख देता है। जिसकी वजह से ग्राहकों का समय और पैसा दोनों खराब हो जाते हैं।

ऑनलाइन फ्रॉड की कुछ घटनाएं :

  1. बुक किया 3 आईफोन, डिब्बे से निकला साबुन की टिकिया : पुलिस के मुताबिक गांधी नगर क्षेत्र में रहने वाले विशाल नामक युवक ने शिकायत दी है। बताया कि 11 अक्टूबर को उन्होंने अपने नाम से दो आईफोन आर्डर किए थे। वहीं उनकी पत्नी ने भी एक आईफोन आर्डर किया था। इन तीनों फोन के लिए पूरा पेमेंट बुकिंग के समय ही कर दिया गया था। इसके बाद 19 व 20 अक्टूबर 2023 को उनके घर पर फोन डिलीवर भी हो गए। उन्होंने पहला बॉक्स खोल कर देखा तो बॉक्स में पुराना फोन रखा हुआ था। ऐसे में उन्होंने तुरंत दूसरा बॉक्स खोला, लेकिन इसमें भी पुराना फोन था। जबकि तीसरा बॉक्स (Online-Fraud) खोला गया तो उसमें साबुन की टिकिया रखी हुई थी। विशाल ने इस संबंध में 31 दिसंबर को पुलिस में शिकायत दी।
  2. मंगाया ड्रोन तो मिली दो खाली बोतलें : एक मामला बिहार के गया का है। यहां के रहने वाले शहादत ने 10 मई को एक ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के जरिए ड्रोन ऑर्डर किया। 17 मई को जैसे ही डिलीवरी (Online-Fraud) हुई, शहादत को मिली दो खाली बोतलें। दरअसल, जब डिलीवरी बॉय शहादत का पार्सल लेकर आया तो उसने अपने ऑर्डर की पेमेंट की। इसके बाद पार्सल खोलकर देखने की बात कही, तो डिलीवरी बॉय ने अपने मोबाइल के कैमरे से रिकॉर्डिंग शुरू कर दी। पता चला कि ऑर्डर में ड्रोन की जगह बोतलें हैं। इसके बाद शहादत ने डिलीवरी बॉय से मामले की FIR दर्ज करवाने की बात कही। रिपोर्ट के मुताबिक, डिलीवरी बॉय ने फोन पर किसी से बात की। जिसके बाद उसने शहादत को पैसे लौटाए और पार्सल वापस ले लिया। शहादत ने पूरे मामले की शिकायत करने के लिए टोल फ्री नंबर डायल करने की कोशिश भी की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
  3. लैपटॉप की जगह मिले थे घुंघरु : ऑनलाइन फ्रॉड का एक मामला इस साल हिमाचल प्रदेश से सामने आया था। यहां के बिलासपुर के रहने वाले एक युवक ने ऑनलाइन शॉपिंग के जरिए लैपटॉप ऑर्डर किया था। युवक ने लैपटॉप बैग, की-बोर्ड और माउस भी ऑर्डर किया था। लेकिन जब ऑर्डर आया तो डिलीवरी बक्से (Online-Fraud) में लैपटॉप की जगह घुंघरू निकले। जिसके बाद शख्स ने मामले की जानकारी कस्टमर केयर को दी।

ऑनलाइन शॉपिंग के फायदे और नुकसान : ऑनलाइन शॉपिंग इलेक्ट्रॉनिक कॉमर्स का एक रूप है, जो उपभोक्ताओं को वेब ब्राउज़र या मोबाइल ऐप का उपयोग करके इंटरनेट पर सीधे सामान या सेवाएं खरीदने की अनुमति देता है। लोग आजकल ज्यादातर ऑनलाइन शॉपिंग (Online-Fraud) पसंद करते हैं। कुछ लोग खरीदारी के पारंपरिक तरीके का उपयोग करते हैं, जबकि कुछ लोग ऑनलाइन तरीके को पसंद करते हैं। हमें ऑनलाइन शॉपिंग के फायदों के साथ-साथ ऑनलाइन शॉपिंग के नुकसान के बारे में भी जानकारी होनी चाहिए।

फ़ायदे :

  • ऑनलाइन शॉपिंग में समय की बचत होती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में गैस और पार्किंग की बचत होती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में भीड़ से बचने में मदद मिलती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में अलग-अलग तरह के प्रोडक्ट, कीमत और सुविधाएं मिलती हैं।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में आसानी से कीमतों की तुलना की जा सकती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में छूट और पुनर्विक्रय का फायदा मिलता है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में कम दबाव में खरीदारी की जा सकती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में बाद के लिए आइटम सहेजने में आसानी होती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में किसी प्रोडक्ट के बारे में विस्तृत जानकारी मिलती है।

नुकसान :

  • ऑनलाइन शॉपिंग में शिपमेंट में देरी हो सकती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में कभी-कभी दोषपूर्ण प्रोडक्ट मिल जाते हैं।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में प्रोडक्ट को छूकर नहीं देखा जा सकता है।
  • प्रोडक्ट की गुणवत्ता का सटीक अंदाज़ा नहीं लग पाता।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती है।
  • ऑनलाइन शॉपिंग में सुरक्षा संबंधी चिंताएं भी रहती हैं।

ऑनलाइन खरीदारी करते समय, कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी : ऑनलाइन खरीदारी (Online-Fraud) करते समय, आप खुदरा विक्रेताओं को अपनी संवेदनशील जानकारी देते हैं। इसमें आपका बैंक या क्रेडिट कार्ड का विवरण, संपर्क जानकारी और पता शामिल है। हैकर्स की वजह से, आपकी जानकारी उजागर हो सकती है। हैकर्स आपकी खरीदारी से जुड़े ईमेल खाते और पासवर्ड से छेड़छाड़ कर सकते हैं। अगर आप उन्हीं क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल कहीं और करते हैं, तो हैकर्स उन खातों तक भी पहुंच प्राप्त कर सकते हैं।

वेबसाइट पर डेबिट या क्रेडिट कार्ड का विवरण न रखें : ऑनलाइन शॉपिंग (Online-Fraud) करने के बाद, सभी वेब ब्राउज़र कुकीज़ को साफ़ करें और अपने पीसी को बंद कर दें। ऑनलाइन शॉपिंग करते समय, एड्रेस बार से शुरुआत करें।हैकर्स ऐसे यूआरएल का इस्तेमाल करते हैं, जो वास्तविक साइट के यूआरएल के बहुत करीब होते हैं, लेकिन बिल्कुल समान नहीं होते। टाइपिंग त्रुटियां देखें या यह देखने के लिए Google का इस्तेमाल करें कि कोई खोज आपको उसी पृष्ठ पर ले जाती है या नहीं। इसके अलावा, एड्रेस बार में पैडलॉक आइकन देखें।

अगर ऑनलाइन शॉपिंग (Online-Fraud) में धोखा मिले, तो ई-कॉमर्स कंपनी के कस्टमर केयर नंबर पर कॉल करें। कंपनी इस स्तर पर समस्या का समाधान कर सकती है या आपकी शिकायत निर्माता/सेवा प्रदाता को निर्देशित कर सकती है। इसके अलावा, आप ये काम भी कर सकते हैं।

  • नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन के नंबर 1800-11-4000 या 14404 पर कॉल करें। 
  • हेल्पलाइन नंबर 155260 पर कॉल करें। 
  • कंज्यूमर मामलों की साइट Consumerhelpline.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। 
  • कंज्यूमर कोर्ट जाकर भी शिकायत दर्ज कराएं। 
  • साइबर अपराध होने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराएं। 

हेल्पलाइन नंबर 155260 पर कॉल करने के बाद, आपके खोए हुए पैसे मिलने में आसानी होगी और साइबर ठगों पर कार्रवाई शुरू हो जाएगी। यह हेल्पलाइन नंबर एक तरह से वर्चुअल पुलिस स्टेशन की तरह काम करती है।

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