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धनबाद : सावधानी बरतें…रेस्टोरेंट में परोसे जानेवाले “नॉन-वेज में मिला-वट”!

धनबाद-NewsXpoz (राजीव सिन्हा 9135421800) : क्या आप परिवार के साथ किसी रेस्टोरेंट या होटल में ‘नॉन-वेज’ (Non-Veg-Fraud) खाद्य पदार्थों का स्वाद उठाने जा रहे हैं तो… हो जाए सावधान, क्योंकि कोयलांचल में कुछ मुनाफाखोर चंद पैसों की नाजायज कमाई के लिए आपके नॉन-वेज डिश में मिलावटी खाद्य पदार्थ परोस सकते हैं! ऐसे में आपकी सतर्कता ही आपको बचा सकती है… क्योंकि इन दिनों जिले के विभिन्न क्षेत्र से होटलों में मटन (बकरे की मीट) चिकन से बनने वाले व्यंजन में मिलावट की सुचना सामने आ रही है।


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आप जिस नॉन-वेज डिश (Non-Veg-Fraud) को मटन या चिकन समझ रहे हैं, उसमे कुछ सस्ते व्म प्रतिबंधित पशुओं के मांस की मिलावट हो सकती है। जिससे आपके स्वास्थ्य सहित दिल-दिमाग भी खराब हो सकते हैं! क्योंकि कोयलांचल के विभिन्न हाट-बाजार से हानिकारक-बासी तथा प्रतिबंधित पशुओं के मांस को होटलों व रेस्टोरेंट में खपाये जाने की सुचना है।

मटन में धड़ल्ले से जारी है मिलावट : मांसाहारी (Non-Veg-Fraud) खाद्य पदार्थ बेचने वाले दुकानदारों द्वारा बड़ी मात्रा में मिलावट की जा रही है। खासकर मांसाहारी मटन (बकरे के मीट) से बनने वाले व्यंजन… जैसे मटन कीमां, मटन कबाब, मटन कोरमा, मटन सींक कबाब, मटन सींक बोटी, मटन बिरयानी, मटन टिक्का, मटन करी, रोस्टेड मटन, कीमा मटन आदि प्रकार के व्यंजनों में।

बकरे का मटन है महंगा : सूत्रों की मांने तो बकरे का मटन लगभग 6 से 7 सौ रुपए प्रति किलो की दर से मिलता है। वहीं दूसरी ओर “बड़े जानवर” का मीट आधे से भी कम दाम में मिल जाता है। इसलिए मिलावट के खेल में मुनाफा अधिक… लागत कम के चलते होटल-रेस्टोरेंट-ठेला आदि स्थानों में बकरे-चिकन के मटन (Non-Veg-Fraud) से बने व्यंजन के नाम पर मिलावटी व्यंजन को धड़ल्ले से बेचकर उससे मुनाफा कमाया जा रहा है। इन दिनों विभिन्न रेस्टोरेंट में खाद्य सामग्रियां सॉस, कच्चा-पका बासी मटन-चिकन रखना आम बात हो गया है। ऐसे बासी व हानिकारक खाद्य पदार्थों को भी ग्राहकों को परोस रहे हैं।

  1. मटन बनाम बीफ : यहां कुछ तथ्य दिए गए हैं, जो आपको मटन और बीफ (Non-Veg-Fraud) के बीच अंतर आसानी से जानने में मदद करेंगे।

  2. सफ़ेद अस्तर : ज्यादातर लोगों को मटन और बीफ (Non-Veg-Fraud) के बीच का अंतर उनके स्वाद से पता चलता है। बहुत से लोग इन दोनों के बीच कोई अंतर ढूंढने में खुद को असमर्थ पाएंगे। यहां एक रहस्य है जो आपको अंतर ढूंढने में मदद करेगा: बीफ में सफेद वसा की एक रेखा होती है और मटन में कोई सफेद परत नहीं होती है।

  3. मांस की मात्रा : यदि आप बीफ और मटन (Non-Veg-Fraud) को समान मात्रा में खरीदते हैं, जैसे कि एक किलोग्राम दोनों, तो आप देखेंगे कि मटन मांस की मात्रा बीफ की तुलना में कम होगी।

  4. तेज़ गंध : अगर आप कमरे में मटन (Non-Veg-Fraud) के कुछ टुकड़े रख देंगे तो आपको खुशबू महसूस होगी। लेकिन बीफ के मामले में ऐसा नहीं है।

  5. बीफ़ चबाने में लगता है अधिक समय : मटन (Non-Veg-Fraud) अन्य लाल मांस की तुलना में अधिक कोमल होता है और इसे चबाना और निगलना भी आसान होता है। जबकि बीफ अधिक चबाने वाला होता है और मटन की तुलना में इसे निगलने में अधिक समय लगता है।

नियम-कानून के अंतर्गत कब होगी कार्यवाही? : फूड सेफ्टी विभाग एवं जिला प्रशासन द्वारा मिलावट (Non-Veg-Fraud)  खोरी में शामिल दुकानदारों पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्यवाही नहीं की जा रही है। मुनाफाखोरी के चलते दुकानदारों द्वारा खाने-पीने की चीजों में धड़ल्ले से खुलेआम मिलावट की जा रही है।

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