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धनबाद : NH-18 में दुकानदारों का “बिजली पर डाका”, जिम्मेदार खामोश

धनबाद (राजीव सिन्हा 9135421800) : ….कोयलांचल में अगर गरीब व्यक्ति रोशनी के लिए एक बल्ब चोरी की बिजली से जला ले…, तो विभाग के जिम्मेदार दल-बल के साथ छापामारी करने पहुंच जाते हैं। परंतु शहर के बीचो-बीच स्थित दुकानों में चोरी की बिजली खपत होती है तो, फिर बिजली विभाग के जिम्मेदारों के आंखों की रोशनी मंद पड़ जाती है…! क्योंकि इन जिम्मेदारों को ऐसी कमाई वाली अवैध बिजली कनेक्शन नजर नहीं आते!

NH-18 पर स्थित दुकानदारों का “बिजली पर डाका” : शहर के बीचों-बीच होकर गुजरने वाले NH-18 मार्ग पर IIT-ISM गेट के समीप दर्जनों होटल व दुकान अवस्थित है। जहां शाम ढलते ही ग्राहकों का जुटान होता है। जिनमे से कई दुकानदार बिजली के अवैध कनेक्शन जोड़ कर अपनी दुकान में बल्ब-पंखे व अन्य बिजली उपकरण का उपयोग करते है। जिससे सैकड़ों यूनिट की बिजली खपत होती है। इसका राजस्व विभाग को नहीं मिलता है।

बिजली खंभे से गुजरने वाले तार पर फंसा रखा है तारों का टोंका : मार्केट के अधिकतर दुकानों के ऊपर से बिजली की तार गुजरी है। जिसमें कई दुकानदारों ने अवैध तरीके से टोंका फंसा रखा है। जिससे लाइट-पंखा तथा बिजली उपकरण इस्तेमाल होते है। इन अवैध कनेक्शन के कारण बिजली विभाग को प्रतिदिन सैकड़ों यूनिट के राजस्व का चपत लग रहा है।

शाम ढलते ही दिखता है ‘चौपाटी-सा-नजारा’ : NH-18 पर IIT-ISM के समीप दर्जनों दुकान में सैकड़ों बल्बों के रोशन होने से वहां ‘चौपाटी-से-नजारा’ सजीव हो जाता है। क्योंकि वहां सैकड़ों की संख्या में ग्राहक, कुर्सी-मेज पर सजे हुए तरह-तरह के व्यंजन और रोशन होती रंग-बिरंगी बिजली के बल्ब होते हैं।

लेकिन झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के जिम्मेदारों को इतने बड़े स्तर की “बिजली पर डाका” नहीं दिखती है। कुछ स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि बिजली के इन अवैध कनेक्शन के पीछे विभाग के कर्मियों की मिलीभगत है। जिन्हें इन अवैध बिजली कनेक्शन की वजह से प्रतिमाह हजारों रुपए की ऊपरी कमाई होती है। अवैध कमाई  की रकम का विभाग के कुछ लोगों के बीच बंटवारा होता है। ऐसे में बिजली चोरी को रोक पाना कैसे संभव हो सकेगा?

बिजली चोरी करने पर यह है कानून : बिजली चोरी के मामले में पहली बार आरोपी पर जुर्माना लगाया जाता है। कोई दूसरी बार गिरफ्तार हो तो उससे 6 से 8 गुना जुर्माना वसूल किया जाता है। दरअसल विद्युत चोरी या मीटर से छेड़छाड सबंधी मामलों में विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 135 एवं 138 के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है। इसके तहत संबंधित व्यक्ति को सजा का प्रावधान भी है। लेकिन मीटर से छेड़छाड़ जैसे मामले में जुर्माने के साथ-साथ गिरफ्तारी भी की जाती है। ऐसे मामलों में संलिप्त दोषियों को तीन साल के लिए जेल भी जाना पड़ सकता है।

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Posted & Updated by : Amanya Suresh 

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