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पाकिस्तान : नवाज और बिलावल में सरकार बनाने के लिए बनी सैद्धांतिक सहमति

नई दिल्ली/लाहौर-NewsXpoz : पाकिस्तान में बिलावल भुट्टो-जरदारी की पार्टी पीपीपी और पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ की पीएमएल-एन के बीच सरकार गठन को लेकर सहमति बनती दिख रही है। आम चुनाव में नेशनल असेंबली में किसी भी दल को बहुमत न मिलने के बाद रविवार को दोनों दलों ने आधिकारिक तौर पर सरकार बनाने की कवायद शुरू की। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के चेयरमैन बिलावल भुट्टो और पार्टी अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी ने लाहौर में अपने आवास पर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ से मिले। बैठक में दोनों दल सैद्धांतिक रूप से देश को राजनैतिक अस्थिरता से बचाने के लिए एक साथ आने पर सहमत हुए।

पीएमएल-एन अध्यक्ष की ओर से एक्स पर जारी एक बयान में कहा गया है कि दोनों दलों के नेताओं ने देश की मौजूदा स्थिति और भविष्य में राजनीतिक सहयोग के मुद्दों पर चर्चा की। शहबाज शरीफ और बिलावल भुट्टो ने देश में राजनीतिक स्थिरता के लिए संघीय सरकार बनाने पर सहमति व्यक्त की। बयान के मुताबिक, पीपीपी चेयरमैन बिलावल सरकार गठन को लेकर पीएमएल-एन के प्रस्तावों को अब पार्टी की केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक में रखेंगे। पीपीपी नेतृत्व से मुलाकात करने वाले पीएमएल-एन के प्रतिनिधिमंडल में आजम नजीर तरार, अयाज सादिक, अहसान इकबाल, राणा तनवीर, ख्वाजा साद रफीक, मलिक अहमद खान, मरियम औरंगजेब और शजा फातिमा शामिल थे।

पीएमएल-एन के प्रस्ताव पर पीपीपी की केंद्रीय समिति की बैठक में होगी चर्चा : वहीं, पीपीपी अध्यक्ष के सचिवालय ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि सरकार गठन के लिए पीपीपी शीर्ष नेतृत्व से पहली बार पीएमएल-एन के नेताओं ने लाहौर में आधिकारिक रूप से मुलाकात की। सरकार गठन में पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी का समर्थन मांगने के लिए पीएमएल-एन अध्यक्ष शाहबाज शरीफ बिलावल हाउस पहुंचे। पीपीपी अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी, पीपीपी चेयरमैन बिलावल भुट्टो जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री मियां शहबाज शरीफ ने सरकार गठन पर चर्चा की। गठबंधन सरकार में शामिल होने के पीएमएल-एन के प्रस्ताव पर सोमवार को पीपीपी की केंद्रीय कार्यकारी समिति की बैठक में चर्चा होगी। इससे बाद पीएमएल-एन नेतृत्व को पार्टी के फैसले की जानकारी दी जाएगी।

सरकार गठन को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई : मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) के संयोजक खालिद मकबूल सिद्दीकी ने कहा कि पीएमएल-एन के नेताओं के साथ बैठक के दौरान अगली सरकार के गठन के संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई। कराची में पत्रकारों से बात करते हुए सिद्दीकी ने कहा कि चुनाव नतीजों ने पाकिस्तान में चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सभी दलों को देश को संकट से बाहर निकालने में अपनी भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की स्थिरता सबसे महत्वपूर्ण है। सिद्दीकी ने कहा कि एमक्यूएम-पी को सरकार में कोई हिस्सेदारी मिलेगी या नहीं। अभी स्पष्ट नहीं है। इससे पहले पीएमएल-एन ने एक बयान में दावा किया था कि उसका एमक्यूएम-पी के साथ नई सरकार में एक साथ काम करने के लिए सैद्धांतिक समझौते पर सहमति बन गई है।

पीएमएल-एन के साथ जा सकते हैं पीटीआई समर्थित विजयी उम्मीदवार : पाकिस्तान में आठ फरवरी को आम चुनाव के लिए मतदान हुआ था। जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित निर्दलीय उम्मीदवारों ने नेशनल असेंबली में सबसे अधिक 93 सीटों पर जीत हासिल की है। नवाज शरीफ की पार्टी पीएमएल-एन को 79 सीटें और पीपीपी को 54 सीटें मिली हैं। विभाजन के दौरान भारत से आए उर्दू भाषी लोगों की मुत्ताहिदा कौमी मूवमेंट-पाकिस्तान (एमक्यूएम-पी) को 17 सीटें हासिल हुई हैं। इस तरह संघीय सरकार बनाने के लिए किसी भी पार्टी के पास बहुमत नहीं है। कुछ पीटीआई समर्थित विजयी उम्मीदवारों के साथ अन्य पार्टियां सरकार गठन में पीएमएल-एन को अपना समर्थन दे सकती हैं। बता दें कि पाकिस्तान में सरकार बनाने के लिए कम से कम 133 सीटों की दरकार होगी।

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