बिहार-बंगाल एवं ओडिशाराजनीति

बिहार : चंद्रशेखर की शिक्षा से छुट्टी…मिला गन्ना उद्योग; तीन मंत्रियों का विभाग बदला 

पटना-NewsXpoz : बिहार की राजनीति में सब कुछ सामान्य नहीं चल रहा है, यह एक बार फिर प्रमाणित हो गया है। शुक्रवार को जब राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव इस ठंड में अपने बेटे और राज्य के उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के साथ मुख्यमंत्री आवास पहुंचे तो लग ही रहा था कि कुछ-न-कुछ होगा। तेजस्वी यादव ने कुछ बड़ी बात नहीं होने और सब कुछ सामान्य होने की बात कही। लेकिन, इस बीच शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव केके पाठक भी सीएम तक अपनी बात पहुंचा चुके थे। शनिवार को यह खिचड़ी अंतत: पककर सामने आयी। शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर समेत तीन मंत्रियों का विभाग बदल दिया गया है।

अब विभाग किनके पास : मंत्रिमंडल विस्तार की प्रतीक्षा अब भी खत्म नहीं हुई। पिछले दिनों खेल विभाग अलग किया गया, तब भी एकबारगी उम्मीद जगी थी। लेकिन, फिर कला, संस्कृति एवं युवा विभाग से कटकर बने खेल विभाग का मंत्री भी पुराने विभागीय जिम्मेदार के पास ही रख दिया गया। अब शनिवार की रात अचानक तीन मंत्रियों के विभाग बदलने की अधिसूचना जारी हुई।

मुख्यमंत्री की सहमति और राज्यपाल के आदेश से जारी अधिसूचना के अनुसार शिक्षा विभाग के मंत्री प्रो. चंद्रशेखर की जगह अब आलोक कुमार मेहता होंगे। रामचरितमानस विवाद के बावजूद अपने पद पर कायम रहे प्रो. चंद्रशेखर को अपने विभागीय अपर मुख्य सचिव केके पाठक से टकराना अंतत: महंगा पड़ा। चंद्रशेखर को गन्ना उद्योग विभाग दिया गया है। मतलब, मुख्य धारा से अलग कर दिए गए हैं चंद्रशेखर। आलोक मेहता के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की जिम्मेदारी ललित कुमार यादव को दी गई है। ललित यादव के पास लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग की जिम्मेदारी पहले से है।

तीनों राजद कोटे के मंत्री, दो को मिला महत्व : शनिवार को राज्य सरकार के जिन तीन मंत्रियों के विभागों का उलटफेर या संशोधन हुआ, वह लालू प्रसाद यादव की पार्टी राजद के हैं। इनमें दो मंत्रियों को पहले के मुकाबले ज्यादा महत्व मिला है। आलोक मेहता राजद के मंत्रियों में सबसे ज्यादा शिक्षित और सभ्य माने जाते हैं। उन्हें शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी गई है। निश्चित तौर पर बिहार में शिक्षा विभाग मिलना आज की तारीख में प्रोन्नति है।

ललित कुमार यादव के पास पीएचईडी की जिम्मेदारी पहले से थी, उन्हें बड़े विभाग राजस्व एवं भूमि सुधार की जिम्मेदारी दी गई है। यह भी प्रोन्नति कही जाएगी। दो महत्वपूर्ण विभाग इनके पास हैं अब। सबसे खराब प्रो. चंद्रशेखर के साथ हुआ। उन्हें मंत्री पद पर तो कायम रखा गया है, लेकिन गन्ना उद्योग विभाग सौंप दिया गया। माना जा रहा है कि चंद्रशेखर अपने विभागीय अपर मुख्य सचिव केके पाठक से झंझट कर फंस गए। सीएम इन्हें समझा भी चुके थे। नवंबर में शिक्षक नियुक्ति पत्र वितरण समारोह में जिस तरह से नीतीश कुमार ने पाठक को महत्व दिया था, फिर भी चंद्रशेखर सहज नहीं हो सके थे। दोनों में टकराव या असहयोग की स्थिति कायम थी।

NewsXpoz Digital

NewsXpoz Digital ...सच के साथ

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *