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वित्त मंत्री ने किया बजट पेश, महिलाओं-किसानों के लिए बजट में कई एलान

नई दिल्ली : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में अंतरिम बजट पेश किया। यह बजट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है। वित्त मंत्री ने इस बार छठा बजट सदन में पेश किया। मोरारजी देसाई के बाद सीतारमण ही दूसरी वित्त मंत्री हैं, जिन्हें छह बार बजट पेश करने का मौका मिला।

संसद की कार्यवाही कल तक स्थगित : वित्त मंत्री के बजट भाषण समाप्ति के साथ ही संसद की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई है।

‘देश में करदाता 2.4 गुना बढ़े’ : ‘प्रत्यक्ष कर संग्रह 10 साल में तीन गुना बढ़ा है। करदाता 2.4 गुना बढ़े हैं। करदाताओं का योगदान देश के विकास में काम आ रहा है। हम करदाताओं की सराहना करते हैं। सरकार ने कर दरों को कम किया है। लागू हो चुकी नई कर योजना के तहत सात लाख रुपये तक अब कोई कर नहीं हैं। कॉर्पोरेट टैक्स भी कम हुआ है। नए फॉर्म 26AS से टैक्स फाइल करना आसान हुआ है। 2013-14 में 93 दिनों के बजाय अब 10 दिन में रिफंड मिल रहा है। कर दरों, आयात दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है।’

‘2024-25 में 47.66 लाख करोड़ रुपये के कुल व्यय का अनुमान है। राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1% रहने का अनुमान है, जिसे उसके अगले वर्ष 4.5% से नीचे लाने का लक्ष्य रहेगा। FDI यानी फर्स्ट डेवलप इंडिया पर जोर दिया जाएगा ताकि पहले विकास भारत में आए। राज्यों की सुधार योजनाओं के लिए 75 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया जा रहा है। यह 50 वर्ष के लिए ब्याज मुक्त ऋण होगा। अगले 25 वर्ष हमारे लिए कर्तव्य काल है।’

‘देश की विमान कंपनियां एक हजार नए विमान खरीद रही हैं’ : वित्त मंत्री ने देश में विमानन क्षेत्र के लिए एलान करते हुए कहा कि ‘अब देश में 149 विमानतल हैं। टियर-2 और टियर-3 शहरों को ‘उड़ान’ के तहत विस्तार दिया जा रहा है। देश की विमानन कंपनियां एक हजार नए विमान खरीद रही हैं।’

‘रेलवे के लिए किए गए ये एलान’ : तीन रेलवे कॉरिडोर ऊर्जा, खनिज और सीमेंट के लिए बनाए जाएंगे। पीएम गति शक्ति के तहत इनकी पहचान की गई है। इससे लागत कम होगी और सामान की आवाजाही सुगम होगी। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से विकास दर बढ़ाने में मदद मिलेगी। 40 हजार सामान्य बोगियों को वंदे भारत के पैमानों के अनुरूप विकसित किया जाएगा ताकि यात्रियों की सुरक्षा और सहूलियत को बढ़ाया जा सके।

‘जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान’ : ‘नई तकनीकों से कारोबार को मदद मिल रही है। लालबहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। अटलजी ने जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान का नारा दिया था। प्रधानमंत्री मोदी ने इसे और विस्तार देते हुए जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान, जय अनुसंधान का नारा दिया है। प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में दिलचस्पी रखने वालों के लिए यह स्वर्णिम दौर है। एक लाख करोड़ रुपये का ब्याज मुक्त या कम ब्याज दर पर कोष वितरित किया जाएगा। इससे दीर्घकालिक वित्तीय मदद दी जाएगी। इससे निजी क्षेत्र को मदद मिलेगी।’

महिलाओं के लिए किया ये एलान : ‘नौ करोड़ महिलाओं से जुड़े 83 लाख स्वयं सहायता समूहों अहम योगदान रखते हैं। उनकी कामयाबी से एक करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने में मदद मिली है। वे दूसरों के लिए प्रेरणा हैं। हमने तय किया है कि लखपति दीदी के लिए लक्ष्य को दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ किया है।’

स्वास्थ्य के लिए हुए ये एलान : मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे का ही इस्तेमाल करते हुए हम और मेडिकल कॉलेज बनाएंगे। हमारी सरकार 9 से 14 साल की बच्चियों को सर्वाइकल कैंसर वैक्सीन का टीका लगाया जाएगा। मातृत्व और बाल विकास के लिए एक समग्र योजना बनाई जाएगी। आंगनवाड़ी केंद्रों को अपग्रेड किया जाएगा। पोषण 2.0 के अमल में तेजी लाई जाएगी। टीकाकरण को मजबूत किया जाएगा। आयुष्मान भारत के तहत सभी आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों को इसके दायरे में लाया जाएगा।

मध्यमवर्ग को मिलेगा आवास : ‘मध्यमवर्ग के लिए योजना बनेगी। किराए के घर, बस्ती, अनियमित घरों में रहने वालों के पास नया घर खरीदने या बनाने का मौका रहेगा। पीएम आवास योजना-ग्रामीण
इसके तहत तीन करोड़ आवास बनाए जाएंगे। इनमें दो करोड़ आवास अगले पांच वर्ष में बनने जा रहे हैं।’

‘एक करोड़ घरों को सौर ऊर्जा से मिलेगी मुफ्त बिजली’ : रूफटॉप सौर ऊर्जा से एक करोड़ घरों को 300 यूनिट की मुफ्त बिजली हर महीने सौर ऊर्जा के जरिए मिल पाएगी। 15-18 हजार रुपये की बचत होगी। ई-व्हीकल की चार्जिंग के लिए बड़े पैमाने पर इंस्टॉलेशन होंगे। इससे वेंडरों को काम मिलेगा।

’38 लाख किसानों को पीएम किसान संपदा योजना से फायदा मिला’ : ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना से 38 लाख किसानों को फायदा मिला है और 10 लाख रोजगार के अवसर उत्पन्न हुए हैं। उपज के बाद होने वाले नुकसान को रोकने के लिए भी योजनाओं पर काम हो रहा है। हम कृषि उपज होने के बाद की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए निजी और सार्वजनिक क्षेत्र की भागीदारी मजबूत करेंगे। आत्मनिर्भर तेल बीज अभियान को मजबूत किया जाएगा। इसके तहत कृषि की नई प्रौद्योगिकी और कृषि बीमा को बढ़ावा दिया जाएगा। डेयरी से जुड़े किसानों की भी मदद की जा रही है। राष्ट्रीय गोकुल मिशन जैसी योजनाएं चलाई जा रही हैं। मत्स्य संपदा को भी मजबूत किया जा रहा है। सी-फूड का उत्पादन दोगुना है। मत्स्य संपदा योजना के जरिए उत्पादकता को तीन से बढ़ाकर पांच टन प्रति हेक्टेयर किया जाएगा। रोजगार के 55 लाख नए अवसरों को उत्पन्न किया जाएगा। पांच समेकित एक्वा पार्क बनाए जाएंगे।’

भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर बेहद अहम : संसद में बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘भारत-मध्य पूर्व-यूरोप कॉरिडोर भारत और दूसरे देशों के लिए भी एक परिवर्तनकारी कदम है।’ वित्त मंत्री ने कहा, ‘कोविड के बावजूद हमने पीएम आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 3 करोड़ घर बनाने का काम पूरा हुआ। 2 करोड़ घर अगले 5 साल में और बनाए जाएंगे।’

‘न्यूनतम सरकार, अधिकतम शासन दृष्टिकोण से प्रशासन किया’ : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने अंतरिम बजट भाषण में कहा, ‘हमारी सरकार ने नागरिक प्रथम और न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन दृष्टिकोण के साथ जवाबदेह, जन केंद्रित और विश्वास आधारित प्रशासन प्रदान किया है। अमृतकाल के लिए सरकार ऐसी आर्थिक नीतियों को अपनाएं जो टिकाऊ विकास, सभी के लिए अवसरों, क्षमता विकास पर केंद्रित रहेंगी। रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म के साथ हम सुधारों का अगला चरण शुरू करेंगे। समय पर आर्थिक मदद, प्रासंगिक प्रौद्योगिकी, MSME को सशक्त बनाने जैसे पहुलओं पर नई नीतियों के जरिए काम होगा। हम ऊर्जा सुरक्षा पर भी काम करेंगे।’

’10 साल में 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण महिलाओं को दिए गए’ : संसद में अंतरिम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, ‘पिछले 10 साल में 30 करोड़ मुद्रा योजना ऋण महिला उद्यमियों को दिए गए…ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को 70% आवास महिलाओं को मिले हैं।’

‘लोग अच्छे से रह रहे हैं और अच्छी आमदनी कर रहे हैं’ : ‘औसत वास्तविक आमदनी 50 फीसदी बढ़ी है। महंगाई दर संभली हुई है। परियोजनाएं समय पर पूरी हो रही हैं। लोग अच्छे से रह रहे हैं और अच्छी आमदनी कर रहे हैं। बड़ी योजनाओं की प्रभावी तरीके से और समय पूरा किया जा रहा है। जीएसटी ने एक देश, एक मार्केट और एक टैक्स की धारणा को मजबूत किया है। आईएफएससी ने वैश्विक वित्तीय निवेश का रास्ता खोला है।’

‘गरीब का कल्याण, देश का कल्याण’ : ‘गरीब का कल्याण, देश का कल्याण, हम इस मंत्र के साथ काम कर रहे हैं। ‘सबका साथ’ के उद्देश्य के साथ हमने 25 करोड़ लोगों को विविध तरह की गरीबी से बाहर निकाला है। भारत को 2047 तक विकसित देश बनाने के लिए काम कर रहे हैं।’

महिलाओं, युवा, गरीब, अन्नदाता पर हमारा फोकस : वित्त मंत्री ने कहा, ‘पिछले 10 साल में हमने सबके लिए आवास, हर घर जल, सबके लिए बैंक खाते जैसे कामों को रिकॉर्ड समय में पूरा किया। 80 करोड़ लोगों को मुफ्त राशन दिया गया। अन्नदाताओं की उपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया। पारदर्शिता के साथ संसाधनों का वितरण किया गया है। हम असमानता दूर करने का प्रयास किया है ताकि सामाजिक परिवर्तन लाया जा सके। प्रधानमंत्री के मुताबिक गरीब, महिलाएं, युवा और अन्नदाता, ये ही चार जातियां हैं, जिन पर हमारा फोकस है। उनकी जरूरतें, उनकी आकांक्षाएं हमारे लिए महत्वपूर्ण हैं।’

 सरकार ने सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के साथ काम किया : ‘देश को नया उद्देश्य और नई आशा मिली। जनता ने सरकार को फिर बड़े जनादेश के साथ चुना। हमने दोगुनी चुनौतियों को स्वीकार किया और सबका साथ, सबका विकास और सबका विश्वास के मंत्र के साथ काम किया। हमने सामाजिक और भौगोलिक समावेश के साथ काम किया। ‘सबका प्रयास’ के मंत्र के साथ हमने कोरोना के दौर का सामना किया और अमृतकाल में प्रवेश किया। इसके नतीजतन हमारा युवा देश के पास अब बड़ी आकांक्षाएं, उम्मीदें हैं।’

 वित्त मंत्री ने बजट भाषण शुरू किया : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण पढ़ना शुरू कर दिया है। वित्त मंत्री ने कहा ’10 वर्ष में अर्थव्यवस्था में काफी विकास हुआ है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इसने तरक्की की है। जब वे प्रधानमंत्री बने, तब कई चुनौतियां मौजूद थीं। सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के साथ सरकार ने इन चुनौतियों का सामना किया। जन कल्याणकारी योजनाएं और विकास के बूते हम लोगों तक पहुंचे।’

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