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सदर अस्पताल : खतरे में ‘जीवन रक्षक’ मशीन का ‘जीवन’, फांक रहा ‘धूल’

धनबाद-NewsXpoz (राजीव सिन्हा 9135421800) : जिला मुख्यालय में चार दशक बाद दो-तीन वर्ष पहले शुरू किये गए सदर अस्पताल (hospital-emergency) का कैजुअल्टी इमरजेंसी अपनी ‘बदहाली पर कराह’ रहा है… जिसे सुनने और देखने वाला कोई नहीं है! हालाँकि कागज व खबरों में तो  हर महीने अस्पताल की कायाकल्प और मरीजों को बेहतर सुविधा देने के नाम पर निरीक्षण और जायजा लिया जाता है।


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परन्तु अस्पताल (hospital-emergency) के कैजुअल्टी इमरजेंसी (hospital-emergency) का इलाज करने वाला कोई नहीं है। ऐसे में जब अस्पताल का कैसुअलटी इमरजेंसी (hospital-emergency) कराहता रहेगा….तो भला मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा कहां से मिलेगी? यह सवाल कोयलांचल वासियों को लगातार दर्द दे रहा है।

आज से लगभग 2-3 वर्ष पहले महामारी कोविड काल के दौरान सदर अस्पताल (hospital-emergency) को धनबाद का एक प्रमुख अस्पताल बनाए जाने की कवायद काफी जोरों पर दिखी। जिसमें धनबाद के शहीद निर्मल महतो मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल पर मरीजों के अत्याधिक दबाव को कम किया जा सके। लेकिन सदर अस्पताल (hospital-emergency) की वर्तमान स्थिति को देखते हुए यह प्रतीत होता है कि यहां के आला अधिकारियों और जिम्मेदारों को इसकी कोई फिक्र नहीं है। क्योंकि अस्पताल में जनता के गाढ़ी कमाई के पैसे से मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया करने वाले कई ‘जीवन रक्षक उपकरणों का जीवन’ खतरे में आ गया है।

धूल फांक रहे है कई जीवन रक्षक उपकरण : सदर अस्पताल (hospital-emergency) के कैसुअलटी इमरजेंसी वार्ड में लाखों रुपये की कीमत वाले कई जीवन रक्षक उपकरण धूल फांक रहे हैं। आने वाले दिनों में इन अत्याधुनिक उपकरणों को जिम्मेदार कबाड़ कहने से नहीं चूकेंगे। ऐसे में लाखों रूपये के मूल्य वाले अत्याधुनिक उपकरण बगैर उपयोग किये ही बर्बाद हो जाएंगे। जिसके बाद एक बार फिर से अस्पताल (hospital-emergency) में मरीजों को बेहतर इलाज सुविधा मुहैया करने के नाम पर अत्याधुनिक उपकरणों के खरीदने की प्रक्रिया शुरू होगी और कुछ जिम्मेदार कमीशन के एवज में मोटी रकम की कमाई कर अपनी जेब भरेंगे!

गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य मॉनिटरिंग के लिए है कारगर : कैसुअलटी इमरजेंसी (hospital-emergency) में धूल फांक रहे कीमती व अत्याधुनिक उपकरण गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य के मॉनिटरिंग के लिए वरदान है। यह मरीज के हार्ट-पल्स और ब्लड प्रेशर जैसी शारीरिक प्रणाली की लगातार मॉनिटरिंग करते हुए विशेषज्ञ चिकित्सक को इलाज करने में सुविधा प्रदान करता है। इन उपकरणों की मदद से गंभीर मरीजों के स्वास्थ्य में होने वाले विभिन्न उतर-चढाव की परिस्थितियों पर नजर रखी जाती है।

दो वर्ष पूर्व लगाए गए थे लाखों रुपये के अत्याधुनिक उपकरण : वर्तमान स्थिति यह है कि ऐसे महत्वपूर्ण और अत्याधुनिक कीमती जीवन रक्षक उपकरण धूल फांक रहे है। जिससे उनके कबाड़ होने की आशंका बढ़ गई है। सदर अस्पताल में निजी अस्पतालों की तर्ज पर इलाज को बेहतर व अत्याधुनिक करने के उद्देश्य से 2 वर्ष पहले केंद्र व राज्य सरकार की कई टीम अस्पताल का जायजा लिया। जिससे अस्पताल (hospital-emergency) में मरीजों को बेहतर इलाज के लिए जरूरतों का पता लग सके।

मरीजों को बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए कई महंगे अत्याधुनिक उपकरण (hospital-emergency) खरीदे गए। ताकि मरीजों को निजी अस्पताल की भांति बेहतर इलाज मुहैया हो सके। परन्तु अस्पताल के जिम्मेदारों की कार्य प्रणाली और निष्क्रियता ने इन महंगे अत्याधुनिक उपकरणों को कबाड़ बनाने की प्रक्रिया में डाल दिया है।

केयर इंडिया द्वारा हुआ था नवीकरण : दो वर्ष पूर्व सदर अस्पताल (hospital-emergency) में आपातकालीन मरीजों को निजी अस्पताल जैसी सुविधाएं देने की घोषणा जिले के आला अधिकारियों ने पुरे जोश-खरोश के साथ किया था। यह परिवर्तन स्वास्थ्य विभाग व सहयोगी संस्था केयर इंडिया के द्वारा किये जाने का दावा किया गया था। इसको लेकर राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. बीके मिश्रा द्वारा आपातकालीन कक्ष का भ्रमण किया गया था। जिसमे केयर इंडिया के द्वारा किए जा रहे नवीकरण को बारीकियों से देखा गया था। सभी संबंधित कर्मचारियों को कार्य की गुणवत्ता बनाये रखने हेतु निर्देशित किया गया।

मौके पर राज्य यक्ष्मा पदाधिकारी ने बताया था कि आपातकालीन कक्ष को तीन विभिन्न कक्ष में बांटा गया है। पहला आपातकालीन कक्ष में जाते ही आपको सबसे पहले नवनिर्मित ट्राएज कक्ष जो दो बेड का है, उसमें भर्ती कराना होगा। जिससे मरीजों की वर्तमान स्थिति को देखा जाएगा। उसके बाद मरीज की स्थिति के अनुसार ग्रीन जोन,येलो जोन तथा रेड जोन में इलाज के लिए भेजा जाएगा। लेकिन वर्तमान स्थिति यह है कि उपरोक्त निर्देश सिर्फ घोषणा बनकर रह गई।

क्या होता है कैसुअलटी इमरजेंसी : आपातकाल एक अचानक और अति आवश्यक स्थिति है, जिसके लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता होती है। आपातकालीन चिकित्सा स्थिति एक बीमारी, चोट, लक्षण या स्थिति है, जो इतनी गंभीर है कि गंभीर नुकसान से बचने के लिए एक उचित व्यक्ति तुरंत देखभाल करेगा। हताहत और आपातकालीन जरूरतमंद लोगों को चिकित्सा तथा देखभाल प्रदान करती हैं।

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