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स्टेशन-प्लेटफार्म पर आपकी ‘नादानी’…. बन सकती परेशानी का ‘सबब’ 

धनबाद-NewsXpoz (राजीव सिन्हा 9135421800) : नया साल 2024 का आगमन हो चुका है। इस नए वर्ष में भारतीय रेल (Train-Alert) से आप कहीं सफर पर जाने की प्लानिंग कर रहे हैं, तो आपको कुछ एहतियात बरतनी होगी… जिससे आप कानून के पचड़े में पड़ने से बच सके और आपकी यात्रा मंगलमय हो सके। इसके लिए रेलवे के कुछ नियमों की जानकारी आवश्यक है, क्योंकि इस नए दौर में अधिकतर लोग मौका पाते ही रील और वीडियो बनाने में लग जाते हैं। ऐसा करना कभी-कभी खतरनाक साबित हो सकता है… खासकर भारतीय रेल के रेलवे स्टेशन पर।


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ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर Reels बनाने से पहले जानें नियम : ट्रेन या प्लेटफॉर्म (Train-Alert) पर रील्स, सेल्फी, वीडियो रिकॉर्ड करना अपराध की श्रेणी में आता है। इसके लिए जुर्माने और सजा का प्रावधान है। इतना ही नहीं, इन प्रतिबंधित वस्तुओं संग पकड़े गए तो जेल की हवा खाना तय है। ट्रेन या प्लेटफॉर्म पर रील्स, सेल्फी, वीडियो रिकॉर्ड करना आजकल आम बात हो गई है। खासकर यूट्यूबर्स का फेवरेट अड्डा बना हुआ है।

आए दिन ऐसे मामले सामने आते हैं, जब कोई प्लेटफॉर्म या ट्रेन (Train-Alert) पर वीडियो रिकॉर्ड करता पाया जाता है। लेकिन, क्या आपको पता है कि ऐसा करना बिना टिकट ट्रेन में सफर करना जितना ही बड़ा अपराध है। नियम के मुताबिक, जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है।

क्या कहता है कानून ? : ट्रेन में सफर के दौरान या प्लेटफार्म के किनारे जान जोखिम में डालकर सेल्फी, रील्स या वीडियो रिकॉर्ड करना रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 145 और 147 का दोषी माना जाता है। जिसके तहत कम से कम एक हजार रुपए का जुर्माना और 6 महीने की जेल का प्रावधान है। रेलवे प्लेटफॉर्म के किनारे पर बनी पीली लाइन का पार किया तो 500 रुपये जुर्माना लगाया जा सकता है। एक महीने तक जेल की हवा खानी पड़ सकती है।ट्रैक पार करना भी रेलवे अधिनियम की धारा 147 के तहत अपराध है।

ट्रेन में स्मोकिंग करना जुर्म है। ट्रेन से लेकर कोच, टॉयलेट में भी सिगरेट या बीड़ी नहीं पी जा सकती है। स्मोकिंग करना रेलवे अधिनियम की धारा 167 के तहत अपराध है। किसी यात्री के आपत्ति जताने पर या पकड़े जाने पर 100 से 500 रुपए तक जुर्माना लगाया जा सकता है। एलपीजी सिलेंडर, तेजाब, पटाखे या ज्वलनशील पदार्थ आदि ट्रेन में प्रतिबंधित वस्तुओं की श्रेणी में शामिल है। इसे लेकर सफर करना रेलवे अधिनियम 1989 की धारा 165 के तहत अपराध है।इसके लिए 1000 रुपए तक जुर्माना और 3 साल की सजा हो सकती है।

रेलवे में अपराध के कुछ उदाहरण :

  • किसी और व्यक्ति के नाम पर यात्रा करना – रेलवे एक्ट की धारा 142 के तहत, किसी और व्यक्ति के नाम पर यात्रा करना अपराध है। 
  • रेलवे परिसर में बिना परमीशन के सामान बेचना या फेरी लगाना – रेलवे एक्ट की धारा 144 के तहत, रेलवे परिसर में बिना परमीशन के सामान बेचना या फेरी लगाना अपराध है। 
  • फाटक तोड़ना या खोलना – रेलवे एक्ट की धारा 160 के तहत, फाटक तोड़ना या खोलना अपराध है। 
  • रेल के किसी सवारी डिब्बे या रेल स्टेशन पर भीख मांगना। 
  • ट्रेन या प्लेटफ़ॉर्म पर रील्स, सेल्फी, वीडियो रिकॉर्ड करना। 
  • हस्तांतरित टिकट खरीदना। 

रेलवे एक्ट में कुल 214 धाराएं हैं। ये धाराएं रेलवे के संचालन, रख-रखाव, यात्रियों के अधिकार-सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा से संबंधित हैं। 

रेलवे प्लेटफार्म के किनारे खड़े होकर ट्रेन आते झांकना भी होता अपराध : ट्रेन (Train-Alert) आने की घोषणा होते ही प्लेटफार्म पर खड़े अधिकांश यात्री ट्रेन देखने के लिए ट्रैक पर झांकते हैं। आरपीएफ ऐसे यात्रियों को पकड़ कर रेलवे एक्ट की धारा 147 के तहत कार्रवाई करती है। इसी धारा में बंद रेल फाटक से निकलने वालों के खिलाफ कार्रवाई होती है।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए प्लेटफार्म (Train-Alert) किनारे से डेढ़ फीट तक पीली लाइन या पीले रंग के पत्थर लगे होते हैं। ट्रेन आते समय पीली लाइन से बाहर खड़े होने का नियम है। रुकने पर ही ट्रेन के अंदर जाना चाहिए। रेलवे नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ 500 रुपये जुर्माना या एक माह की सजा का प्रावधान है।

इनमें भी हो सकती है कार्रवाई : रेलवे स्टेशन परिसर में जोर-जोर से बातें, झगड़ा करने, अभद्र व्यवहार पर रेलवे की धारा 145 के तहत कार्रवाई होती है। इसके लिए भी पांच सौ रुपये जुर्माना या एक माह के कारावास की सजा है। ड्यूटी पर तैनात रेलवे कर्मचारी के कार्य में बाधा उत्पन्न करने पर धारा 146 के तहत कार्रवाई होती है।

महिला कोच में बैठना अपराध : महिला कोच में सवार पुरुष यात्री रेलवे एक्ट की धारा 162 और दिव्यांग कोच में गैर दिव्यांग के सवार होने पर धारा 155 की तहत कार्रवाई होती है। इसके अलावा ट्रेन की छत या पायदान पर बैठकर सफर करने वालों के खिलाफ 156 के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की गई है। इसमें भी 500 रुपये का जुर्माना लगता है या एक माह के कारावास की सजा हो सकती है।

अनावश्यक चेन पुलिंग पर एक हजार का जुर्माना : अनावश्यक रूप से चेन पुलिंग करने पर एक हजार जुर्माना व तीन माह की कैद होती है। इसी तरह रेलवे की संपत्ति की चोरी करने पर थ्री रेलवे प्रोटेक्शन एक्ट में तीन वर्ष की सजा भुगतनी पड़ सकती है।

  1. धारा 147 : रेल लाइन पार करना, ट्रैक की ओर झांकना, बंद रेल फाटक पार करना। 
  2. धारा 145 : हंगामा करना, शोर मचाना। 
  3. धारा 146 : रेलवे कर्मचारियों के कार्य में बाधा उत्पन्न करना, झगड़ा करना। 
  4. धारा 162 : अनाधिकृत रूप से महिला कोच में सवार होना। 
  5. धारा 155 : दिव्यांग कोच में अनाधिकृत रूप से प्रवेश करना। 
  6. धारा 167 : धूम्रपान करना, गंदगी फैलाना। 
  7. धारा 156 : छत पर या पायदान पर बैठकर सफर करना। 
  8. धारा 141 : अनाधिकृत रूप से चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकना। 
  9. धारा 3 : आरपी एक्ट-रेलवे की संपत्ति चोरी करना। 

इसलिए रेलवे (Train-Alert) द्वारा जारी किये गए नियम-क़ानून का सख्ती से पालन करते हुए अपनी तथा परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करे। जिससे आपके साथ-साथ अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा देने की पुरजोर प्रयास करती है। इसे आप अपने विवेक तथा जानकारी से और अधिक सुगम तथा आरामदेह बना सकते हैं।

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