लखनऊ : पूर्व मंत्री आजम खां के जौहर ट्रस्ट से आयकर विभाग करीब 550 करोड़ रुपये की वसूली करेगा। यह वसूली जौहर ट्रस्ट द्वारा रामपुर में बनाए गए जौहर विश्वविद्यालय में निवेश की गई बेनामी रकम की वजह से होगी। दरअसल, तमाम कवायद के बाद भी आयकर विभाग विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च हुई करीब 350 करोड़ रुपये की रकम का स्रोत पता नहीं लगा सका है, जिसकी वजह से अब इस पर जुर्माना और ब्याज के साथ आयकर वसूला जाएगा।
अधिकारियों के मुताबिक आजम खां और उनके करीबियों के ठिकानों पर डेढ़ वर्ष पूर्व छापे में विश्वविद्यालय के निर्माण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ियों के सुराग मिले थे। आयकर विभाग ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी) से विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च रकम का मूल्यांकन करने को कहा था, जो करीब 450 करोड़ पाया गया था।
जब आयकर विभाग ने विश्वविद्यालय का निर्माण करने वाले जौहर ट्रस्ट के खातों को खंगाला तो करीब 100 करोड़ रुपये की रकम ही वैध रूप से प्राप्त होने के प्रमाण मिले। बाकी रकम के स्रोत के बारे में ट्रस्ट नहीं बता सका। बता दें कि शैक्षणिक संस्थान होने की वजह से विश्वविद्यालय के निर्माण पर खर्च हुई रकम पर ट्रस्ट ने कोई आयकर नहीं दिया था।
सूत्रों के मुताबिक करीब 350 करोड़ रुपये अवैध तरीके से विश्वविद्यालय के निर्माण में खर्च होने की वजह से अब आयकर की वसूली की जानी है। विभाग ट्रस्ट से 30 प्रतिशत जुर्माने के साथ इसकी वसूली करेगा। साथ ही, इसका ब्याज भी लिया जाएगा।