बिहार : अब तक 64.46 फीसदी मतदान, निर्वाचन आयोग ने प्रेस कांफ्रेंस में दी जानकारी

पटना : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने बताया कि पहले चरण में कुल 45,341 मतदान केंद्र बनाए गए, जिनमें 8,608 शहरी क्षेत्र और 36,733 ग्रामीण क्षेत्र में स्थित थे। सभी केंद्रों पर ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग किया गया। 
मतदान के दौरान 385 बैलेट यूनिट, 421 कंट्रोल यूनिट और 847 वीवीपैट्स बदले गए, जबकि मॉक पोल के दौरान 165 बैलेट यूनिट, 159 कंट्रोल यूनिट और 480 वीवीपैट्स बदले गए।

एडीजी मुख्यालय कुंदन कृष्णन ने बताया कि मतदान केंद्रों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होने के आरोप में अब तक 1,415 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। यह आंकड़ा शाम 5 बजे तक का है। वहीं, डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा द्वारा राजद एमएलसी पर शराब पीने की शिकायत के संबंध में उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराई गई, लेकिन राजद नेता के शराब पीने की पुष्टि नहीं हुई।

बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण में शाम पांच बजे तक 60.18 प्रतिशत मतदान हुआ। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण में 6 नवंबर को शाम 5 बजे तक औसतन 60.18 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। राज्य के विभिन्न जिलों से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लिया। 

मधेपुरा में 65.74%, सहरसा में 62.65%, दरभंगा में 58.38%, मुजफ्फरपुर में 65.23%, गोपालगंज में 64.96%, सीवान में 57.41%, सारण में 60.90%, वैशाली में 59.45%, समस्तीपुर में 66.65%, बेगूसराय में सर्वाधिक 67.32%, खगड़िया में 60.65%, मुंगेर में 54.90%, लखीसराय में 62.76%, शेखपुरा में न्यूनतम 52.36%, नालंदा में 57.58%, पटना में 55.02%, भोजपुर में 53.24% और बक्सर में 55.10% मतदान दर्ज किया गया। सबसे अधिक बेगूसराय में और सबसे कम पटना में मतदान हुआ।

मोकामा विधानसभा के दर्वे भदौर में राजद प्रत्याशी वीणा देवी के पति और बाहुबली सूरजभान सिंह का विरोध किया गया। वह मतदान की अपील करने गए थे। इसी दौरान लोगों ने उनका विरोध कर दिया। हालांकि, उन्होंने ने मतदाताओं को समझाने की कोशिश जरूर की लेकिन, किसी ने उनकी एक न सुनी। इसके बाद वह वहां से लौट गए।

सीवान के गोरेयाकोठी विधानसभा क्षेत्र के लकड़ी नवीगंज प्रखंड स्थित बूथ संख्या 349 और 350 लकड़ी मकतब पर भाजपा प्रत्याशी देवेशकांत सिंह के पहुंचने पर विवाद हो गया। आरोप है कि उन्होंने वहां मौजूद मुस्लिम महिला मतदाताओं से बुर्का हटाने को कहा, जिसके बाद स्थानीय वोटरों ने कड़ा विरोध जताया। मौके पर हंगामा बढ़ने पर लोगों ने “वोट चोर गद्दी छोड़ो” के नारे लगाए। स्थिति को संभालने के लिए प्रशासन को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद जाकर मामला शांत हुआ।