नई दिल्ली : भारतीय सेना ने पर्वतारोहण के इतिहास में एक नई उपलब्धि हासिल की है। ईस्टर्न कमांड की एक पर्वतारोही टीम ने अरुणाचल प्रदेश की सर्वोच्च और अब तक अजेय रही कांगतो चोटी (7,042 मीटर / 23,103 फीट) पर पहली बार सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया है। टीम ने यह कठिन अभियान दक्षिणी मार्ग से पूरा किया, जिसे बेहद चुनौतीपूर्ण माना जाता है।
कांगतो पर्वत को अब तक कामेंग हिमालय का ‘अनक्लाइंब्ड गार्जियन’ कहा जाता था। पूर्वी कमान के सेना कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल आरसी तिवारी ने पर्वतारोहण दल को औपचारिक रूप से ‘फ्लैग-इन’ किया और टीम के साहस, पेशेवराना क्षमता और धैर्य की सराहना की।
भारतीय रक्षा मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि तीन नवंबर को गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग द्वारा एक अग्रिम बेस से ‘फ्लैग-ऑफ’ की गई 18 सदस्यीय टीम ने दुर्गम हिमालयी इलाके को पार करते हुए यह इतिहास रचा।
बर्फीली हवाओं, माइनस तापमान, खतरनाक बर्फीली पहाड़ियों, गहरी घाटियों और लगभग सीधी बर्फीली पहाड़ियों का सामना करते हुए टीम ने भारतीय सेना की पहचान जज्बा, अनुशासन, टीमवर्क और अटूट मनोबल का परिचय दिया।
यह ऐतिहासिक चढ़ाई पूर्वी हिमालय की भव्यता को समर्पित है और यह दर्शाती है कि भारतीय सेना मानवीय सहनशक्ति और संचालन क्षमता की सीमाओं को निरंतर आगे बढ़ाती रहती है। भारतीय सेना ने एक बार फिर साबित किया असंभव जैसा कुछ नहीं।
