भारत में QSR सेक्टर का बड़ा विलय, सफायर-देवयानी विलय को मंजूरी

Sapphire-Foods

नई दिल्ली : देश की बड़ी क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) कंपनियों में शामिल सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड और देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड का आपस में विलय होने जा रहा है। इस विलय के बाद भारत में केएफसी और पिज्जा हट के लिए एक ही, एकीकृत फ्रेंचाइजी बन जाएगी।

देवयानी इंटरनेशनल और सफायर फूड्स, दोनों कंपनियों के बोर्ड ने इस विलय योजना को मंजूरी दे दी है। इसके तहत सफायर फूड्स का देवयानी इंटरनेशनल में विलय किया जाएगा। यह कदम दोनों कंपनियों के कारोबार को एक साथ जोड़ने और उन्हें और मजबूत बनाने के लिए उठाया गया है। विलय योजना के अनुसार, सफायर फूड्स के हर 100 शेयरों के बदले देवयानी इंटरनेशनल के 177 शेयर दिए जाएंगे।

यह विलय अभी अंतिम नहीं है। इसके लिए स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई)  नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी)  शेयरधारकों और कर्जदाताओं से मंजूरी लेनी होगी। कंपनी का अनुमान है कि पूरी प्रक्रिया में 12 से 15 महीने लग सकते हैं।

अमेरिका की दिग्गज फूड कंपनी यम! ब्रांड्स (जो केएफसी, पिज्जा हट और टाको बेल की मालिक है) ने इस विलय को अपनी मंजूरी दे दी है।

विलय पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल भारत की सबसे बड़ी क्यूएसआर कंपनियों में से एक बन जाएगी। इससे कंपनी को बड़े स्तर पर काम करने का फायदा, लागत में कमी, सप्लाई चेन मजबूत करने, मुनाफा बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी का कहना है कि विलय के दूसरे पूरे साल से हर साल करीब 210-225 करोड़ रुपये की बचत होने की उम्मीद है।

देवयानी इंटरनेशनल, हैदराबाद में स्थित यम! इंडिया द्वारा संचालित 19 केएफसी रेस्टोरेंट भी अपने अधीन लेगी। इसके बदले कंपनी यम! इंडिया को एक बार का शुल्क और अतिरिक्त क्षेत्र के लिए लाइसेंस फीस देगी। देवयानी के चेयरमैन रवि जयपुरिया ने कहा कि इस विलय से श्रीलंका में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी, जो पहले से चल रहे अंतरराष्ट्रीय कारोबार के लिए फायदेमंद है।

देवयानी इंटरनेशनल केएफसी, पिज्जा हट की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी है। इसकी कोस्टा कॉफी, वांगो समेत कई ब्रांड भारत, नेपाल, नाइजीरिया और थाईलैंड में मौजूद है। वहीं सफायर फूड्स के भारत के कई राज्यों में केएफसी और पिज्जा हट, श्रीलंका में केएफसी, पिज्जा हट और टाको बेल कुल मिलाकर 1,000 से ज्यादा रेस्टोरेंट हैं। वहीं यम! ब्रांड्स के सीएफओ रंजीत रॉय ने कहा कि यह विलय भारत में कारोबार को और तेजी से बढ़ाने, सप्लाई चेन को मजबूत करने और लंबे समय तक बेहतर नतीजे देने में मदद करेगा।