रांची : अपराधियों के खिलाफ सघन जांच अभियान के दौरान पलामू पुलिस ने कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान के रंगदारी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए स्वर्ण व्यवसाई पर फायरिंग की साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया है। पुलिस अधीक्षक रीष्मा रमेशन के निर्देश पर एक जनवरी 2026 की रात करीब 8 बजे शहर थाना क्षेत्र अंतर्गत कोयल नदी ओवरब्रिज के नीचे एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था।
इसी दौरान गिरिवर स्कूल की ओर से आ रही एक काले रंग की अपाची मोटरसाइकिल (नंबर JH14D-6668) के चालक ने पुलिस चेकिंग देखकर भागने की कोशिश की। सशस्त्र बलों ने तत्परता दिखाते हुए पीछा कर युवक को पकड़ लिया।
पूछताछ में उसने अपना नाम शाहरूख अली (उम्र 25 वर्ष), पिता जाफर अली उर्फ तुफानी, निवासी हुसैन नगर पहाड़ी मुहल्ला, थाना शहर, जिला पलामू बताया। तलाशी के दौरान शाहरूख अली के कमर के बाईं ओर से एक देशी कट्टा, जींस की दाहिनी पॉकेट से दो जिंदा कारतूस और बाईं पॉकेट से एक रियलमी मोबाइल फोन बरामद किया गया, जिसे विधिवत जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
गहन पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि कुछ दिन पूर्व कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान ने पंचमुहान चौक स्थित एक स्वर्ण व्यवसायी से एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। व्यवसायी द्वारा पैसे नहीं देने पर दहशत फैलाने की योजना बनाई गई थी, जिसके तहत पहले भी दो लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
इसके बाद प्रिंस खान ने शाहरूख अली को स्वर्ण व्यवसायी एवं उसकी दुकान पर फायरिंग करने का निर्देश दिया था। शाहरूख ने बताया कि वह अपने भांजे मो० आतिफ खान, पिता अब्दुल खलीफा, निवासी गौसिया मदरसा पहाड़ी मुहल्ला, थाना शहर, जिला पलामू के माध्यम से प्रिंस खान के संपर्क में था। इस काम के बदले आतिफ द्वारा शाहरूख को 30 हजार रुपये दिए जाने की बात तय हुई थी।
बताया जा रहा है कि आतिफ खान पहले भी सोशल मीडिया पर प्रिंस खान से बातचीत की स्क्रीन रिकॉर्डिंग के कारण चर्चा में रहा है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से शहर में एक बड़ी आपराधिक वारदात टल गई। एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और प्रिंस खान गिरोह से जुड़े अन्य नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।
वहीं कुख्यात प्रिंस खान गिरोह के गुर्गों की गिरफ्तारी से क्षेत्र के व्यापारी और आम लोगों ने राहत की सांस ली है। वहीं लोगों ने कहा कि गिरोह के सरगना की गिरफ्तारी जरूरी है। पुलिस की तत्परता की लोगों ने सराहना किया है।
