झारखंड : अंश-अंशिका के नौ दिन से लापता होने पर परिजन बेचैन, 40 सदस्यीय SIT कर रही तलाश

Ansh-Misiing

रांची : राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र अंतर्गत मौसीबाड़ी खटाल से लापता दो मासूम बच्चे अंश और अंशिका का नौ दिन बीतने के बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। पुलिस की लगातार जांच के बावजूद बच्चों की बरामदगी नहीं होने से इलाके में दहशत और परिजनों में गहरी चिंता बनी हुई है।
बच्चों के पिता सुनील राय और मां नीतू देवी अपने बच्चों की एक झलक पाने को व्याकुल हैं। मां और दादी का रो-रो कर बुरा हाल है और बात करते-करते कई बार उनकी तबीयत बिगड़ जाती है। घर में हर आहट पर उम्मीद जगती है, लेकिन हर बार निराशा ही हाथ लगती है।

परिजनों के अनुसार, 2 जनवरी को अंश और अंशिका शालीमार बाजार गए थे, जहां से वे वापस नहीं लौटे। काफी खोजबीन के बाद धुर्वा थाना में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई। पुलिस ने आसपास के इलाकों में खोज अभियान चलाया और सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले, लेकिन कोई ठोस सफलता नहीं मिली। अधिकारियों के मुताबिक, दोनों बच्चे 4 और 5 वर्ष के हैं और उसी दिन घर के पास एक किराना दुकान पर भी गए थे, जहां से वे नहीं लौटे।

रांची सिटी एसपी पारस राणा ने बताया कि 40 पुलिसकर्मियों की एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया है, जो पूरे झारखंड में तलाश कर रही है। साथ ही बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल की पुलिस से लगातार संपर्क में रहकर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पिछले पांच वर्षों में बच्चों की तस्करी के मामलों में गिरफ्तार आरोपियों से भी पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, कुछ नए सुराग मिले हैं और जांच जारी है।

मामले ने राजनीतिक रूप भी ले लिया है। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, राज्यसभा सांसद आदित्य साहू, भाजपा नेता रमेश सिंह और अशोक बड़ाइक सहित कई नेताओं ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर ढांढस बंधाया। नेताओं ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि यदि बच्चों को शीघ्र नहीं ढूंढा गया, तो रांची एसएसपी कार्यालय के बाहर उग्र प्रदर्शन किया जाएगा।

बच्चों की सुरक्षित वापसी की मांग को लेकर स्थानीय लोगों ने एक समिति का गठन किया है। समिति ने रविवार को धुर्वा में बंद का आह्वान किया है। परिजनों ने रांची के एसएसपी और डीजीपी को ज्ञापन भी सौंपा है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिले हैं।