दरभंगा : बिहार में पूर्ण शराबबंदी के बावजूद राजनीतिक रसूख की आड़ में शराब का अवैध धंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला दरभंगा जिले का है, जहां पुलिस ने अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र से भारी मात्रा में विदेशी शराब के साथ आरजेडी (RJD) युवा मोर्चा के प्रखंड अध्यक्ष गोविंद साह और उसके एक सहयोगी को गिरफ्तार किया है। आरोपी नेता पर पहले से ही शराब तस्करी के सात मामले दर्ज हैं। आरोपी की पत्नी पंचायत समिति सदस्य है।
आरोपी की पहचान अशोक पेपर मिल थाना क्षेत्र के बलहा गांव के रहने वाले गोविंद साह के रूप में हुई है। पुलिस ने एक कार से 3 लाख रुपये की 187.92 लीटर विदेशी शराब जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, रविवार रात को सूचना मिली थी कि एक चार पहिया वाहन में शराब की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। सूचना की पुष्टि करने के बाद, अशोक पेपर मिल थाना पुलिस के SHO संजीत कुमार के नेतृत्व में वाहन चेकिंग अभियान चलाया गया।
एक कार को रोका गया और तलाशी के दौरान उससे 187.92 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 3 लाख रुपये है। सहोरा गांव के रहने वाले कार ड्राइवर अनिल कुमार यादव को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
SHO ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान अनिल ने खुद को लहरियासराय में LIC ऑफिस से जुड़ा बताया। उसने यह भी बताया कि जिस गाड़ी से शराब बरामद हुई है, वह एक डेवलपमेंट ऑफिसर के नाम पर रजिस्टर्ड है। बाद में इसे एक कंपनी को बेच दिया गया था, हालांकि गाड़ी का रजिस्ट्रेशन अभी भी डेवलपमेंट ऑफिसर के नाम पर ही है।’
अनिल से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने बलहा गांव में छापा मारा और गोविंद को उसके घर से 3.240 लीटर विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किया। गोविंद पुराना शराब कारोबारी है। उसके खिलाफ शराब के कई मामले दर्ज हैं। वह कई बार जेल जा चुका है।
गोविंद फिलहाल RJD युवा मोर्चा का हयाघाट ब्लॉक अध्यक्ष है। उसकी पत्नी मालीपट्टी पश्चिम पंचायत की पंचायत समिति सदस्य है। 2019 में APM थाने में गोविंद के खिलाफ मारपीट का एक मामला भी दर्ज किया गया था।
आरोप है कि राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल करके वह लंबे समय से अवैध शराब के धंधे में शामिल था। SHO ने आगे बताया, ‘गिरफ्तार आरोपियों से शराब के सोर्स, सप्लाई नेटवर्क और इस गैर-कानूनी धंधे में शामिल दूसरे लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है। बरामद शराब और गाड़ी को ज़ब्त कर लिया गया है। सोमवार को कोर्ट में पेश करने के बाद सभी आरोपियों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया गया।’
