रांची : झारखंड में नगर निकाय चुनाव के तहत रांची नगर निगम के मेयर पद के लिए शुक्रवार को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी हो गई। स्क्रूटनी के बाद जहां कुल 19 प्रत्याशी चुनाव मैदान में थे, वहीं अंतिम तिथि तक 8 प्रत्याशियों ने अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद अब मेयर पद के लिए 11 प्रत्याशी शेष रह गए हैं।
मुख्य मुकाबला तीन प्रमुख दलों के बीच : हालांकि मैदान में 11 प्रत्याशी मौजूद हैं, लेकिन चुनावी संघर्ष मुख्य रूप से तीन प्रमुख राजनीतिक दलों भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा के बीच सिमटता दिखाई दे रहा है। भाजपा ने रोशनी खलखो को समर्थित प्रत्याशी बनाया है, कांग्रेस ने रमा खलखो को मैदान में उतारा है, जबकि झामुमो ने सुजीत विजय आनंद कुजूर को मेयर पद का उम्मीदवार घोषित किया है। मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में मुकाबला रोशनी, रमा और सुजीत के बीच होने की संभावना जताई जा रही है।
आदिवासी वोट बैंक पर असर डाल सकता है आजसू प्रत्याशी : इस चुनाव में आजसू समर्थित प्रत्याशी सुरेंद्र लिंडा भी मैदान में बने हुए हैं। उनकी मौजूदगी से आदिवासी वोट बैंक को लेकर मुकाबला और दिलचस्प होने की उम्मीद जताई जा रही है।
वहीं, नाम वापसी के बाद भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान भी काफी हद तक शांत हो गई है। पार्टी लाइन से अलग चल रहे भाजपा से जुड़े राजेंद्र मुंडा, सुनील फकीरा कच्छप और संजय टोप्पो ने अपना नामांकन वापस लेकर पार्टी नेतृत्व को राहत दी है।
इसी तरह झामुमो ने भी पार्टी अनुशासन का पालन कराते हुए बगावत करने वाले कार्यकर्ताओं को मनाने में सफलता हासिल की है। कथरीना तिर्की, रामशरण तिर्की, अजीत लकड़ा, सुजीत कुमार कुजूर और बीरू तिर्की ने मेयर पद के लिए दाखिल अपने नामांकन वापस ले लिए हैं।
राजनीतिक तस्वीर लगभग साफ : नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही रांची मेयर चुनाव की राजनीतिक तस्वीर काफी हद तक स्पष्ट हो गई है। अब आने वाले दिनों में चुनाव प्रचार तेज होने और सियासी सरगर्मी बढ़ने की संभावना है।
