बांग्लादेश : चुनाव से पहले यूनुस के आवास पर पहुंचे हादी समर्थक, प्रदर्शनकारियों पर बरसे डंडे व आंसू गैस

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नई दिल्ली/ढाका : बांग्लादेश की राजधानी ढाका में शुक्रवार को पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़पें हुईं, जिसमें करीब 40-50 लोग घायल हो गए। शुक्रवार दोपहर को हजारों प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास पर धावा बोलने की कोशिश की। बांग्लादेश में आम चुनाव के ठीक छह दिन पहले अशांति में एक बड़ा इजाफा है। ढाका से आ रही स्थानीय मीडिया रिपोर्टों को देखने से पता चलता है कि इंकलाब मंच ने छात्र नेता उस्मान शरीफ हादी के लिए न्याय की मांग को लेकर प्रदर्शन आयोजित किया था।

हादी को 12 दिसंबर 2025 को ढाका के पलटन इलाके में गोली मार दी गई थी, जब वह चुनाव प्रचार कर रहे थे। तीन दिन बाद हादी को एयरलिफ्ट करके सिंगापुर ले जाया गया था, लेकिन उनकी मौत हो गई। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में हिंसक घटनाओं की एक श्रृंखला शुरू हो गई थी, जिसमें मीडिया आउटलेट, राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठनों से जुड़ी जगहों को निशाना बनाया गया। भारतीय मिशन को भी उस दौरान निशाना बनाया गया था।

हादी के लिए न्याय की मांग : हादी के लिए न्याय की मांग को लेकर इंकलाब मंच ने शुक्रवार को शाहबाग चौराहे पर प्रदर्शन आयोजित किया था। प्रदर्शनकारी संयुक्त राष्ट्र की निगरानी में हत्या की जांच की मांग कर रहे थे। ताजा झड़पें दोपहर बाद लगभग 3.30 बजे शुरू हुईं, जब प्रदर्शनकारियों ने मोहम्मद यूनुस के सरकारी आवास जमुना की तरफ बढ़ने की कोशिश की जिसे पुलिस ने रोक दिया। अधिकारियों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज, वॉटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किया।

राष्ट्रीय चुनाव से पहले हिंसा : यह टकराव 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से ठीक एक सप्ताह पहले हुआ है, जो अगस्त 2024 में शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद बांग्लादेश के पहले चुनाव होंगे। ढाका ट्रिब्यून की रिपोर्ट से पता चलता है कि इन झड़पों के बाद करीब 50 लोगों को इलाज के लिए ढाका मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया।

यूनुस सरकार का आया बयान : विरोध प्रदर्शनों पर सुरक्षाबलों की कार्रवाई के बाद अंतरिम सरकार ने एक बयान जारी किया और हादी की हत्या के मामले में न्याय सुनिश्चित करने का वादा दोहराया। यूनुस के प्रेस सेक्रेटरी शफीकुल आलम ने कहा कि सरकार हादी की हत्या की जांच के लिए संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त कार्यालय से जिम्मा लेने को कहेगी। उन्होंने कहा कि विरोध मार्च के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने एक भी गोली नहीं चलाई।

यूनुस की प्रेस विंग से जारी बयान में कहा कि स्थिति तब बिगड़ी जब प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड तोड़कर जमुना की तरफ बढ़ने की कोशिश की। प्रदर्शनकारी वॉटर कैनन पर चढ़ गए, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए हस्तक्षेप करना पड़ा। सरकार ने दृढ़ता से कहा कि घटना के दौरान किसी भी समय कोई गोली नहीं चलाई गई।