नई दिल्ली : कनाडा में भारत को बड़ी कूटनीतिक कामयाबी मिली है. भारत में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिख्स फॉर जस्टिस पर अब कनाडा में भी बैन लग गया है. कनाडा ने SFJ को आतंकी संगठन घोषित किया है. कनाडा में SFJ की सभी संपत्ति जब्त की जाएगी. कनाडा में आतंकी कैटेगरी में आने का मतलब है कि SFJ की सभी संपत्ति जब्त की जाएगी और किसी भी तरह की गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लग जाएगा. NSA अजित डोभाल की कनाडा यात्रा के बाद हुआ ये फैसला भारत की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी माना जा रहा है.
संपत्ति जब्त होगी : कनाडा सरकार से मिली जानकारी के मुताबिक एसएफजे की अघोषित संपत्तियों की पड़ताल की जाएगी और घोषित संपत्तियों को कनाडा की सरकार फ्रीज करेगी. आपको बताते चलें कि सिख्स फॉर जस्टिस भारत में प्रतिबंधित वो विवादास्पद आतंकी संगठन है, जो अपनी स्थापना के समय से ही सिखों के लिए एक स्वतंत्र राष्ट्र की वकालत करता है. भारत सरकार ने इस संगठन को गैरकानूनी घोषित किया है और इसके नेता पन्नून को आतंकवादी करार दिया था.
क्या है एसएफजे और भारत में ये क्यों है प्रतिबंधित : सिख फॉर जस्टिस एक अमेरिका में मौजूद अलगवावादी ग्रुप है, जो चाहता है कि पंजाब एक अलग देश (खालिस्तान) बने. 2007 में इसकी स्थापना हुई थी. यह संगठन पंजाब के वकील गुरपतवंत सिंह पन्नू द्वारा संचालित किया जाता है. इस संगठन पर सबसे पहले प्रतिबंध साल 2019 में लगाया गया था. सिख फॉर जस्टिस (Sikhs for Justice case) पंजाब समेत अन्य जगहों पर राष्ट्र विरोधी आतंकी गतिविधियों में शामिल है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक, सिख फॉर जस्टिस (SFJ) को उन तमाम गतिविधियों में शामिल पाया गया है जो भारत की आंतरिक सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए हानिकारक है.
एसएफजे का दागी का इतिहास : एसएफजे का इतिहास-भूगोल दोनों खराब रहा है. ये संगठन भारत के अलावा कनाडा, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया और अमेरिका में भी रेफरेंडम कराने यानी जनमत संग्रह कराने की मांग करता रहा है. भारत में इसके समस्त पापों का हिसाब किताब फिलहाल एनआइए कर रही है. देश की प्रमुख जांच एजेंसी एनआईए सिख फॉर जस्टिस और उसके कर्ताधर्ता पन्नू के खिलाफ एक दर्जन से अधिक मामलों की जांच कर रही है. एनआइए पंजाब में पन्नू की संपत्ति भी जब्त कर चुकी है.
भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल की यात्रा के महज तीनों दिनों के भीतर ही कनाडा ने खालिस्तानी आतंकी गुरपतवंत सिंह पन्नू के सिख फॉर जस्टिस (SFJ) फोरम को टेररिस्ट कैटेगरी में डाला जाना एक बड़ी कूटनीतिक कामयाबी है.
