ट्रेड डील : अब भारत की गल्फ देशों के साथ फ्री ट्रेड महा-डील की तैयारी, IMEC कॉरिडोर को मिलेगी रफ्तार

Ind-Middle-East-Trade-Deal

नई दिल्ली/दुबई : यूरोपीय संघ से व्यापार समझौता करने के बाद भारत की नजर अब गल्फ देशों के साथ फ्री ट्रेड डील करने पर है। इससे भारत और रूस के बीच बना व्यापारिक गलियारा IMEC को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत ने 5 फरवरी को गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर औपचारिक बातचीत शुरू भी कर दी है। हालांकि ऐसा नहीं है कि यह कोई नई पहल है। भारत लंबे समय से गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल के साथ यह समझौता करना चाहता था, लेकिन बात कभी बन नहीं पाई। अगर यह समझौता हो जाता है तो भारत से यूरोप तक व्यापार में काफी सहूलियत मिलेगी, जिसका फायदा इस समझौते में शामिल हर देश की अर्थव्यवस्था को होगा।

भारत-यूरोपीय संघ व्यापार समझौते से आई तेजी : दो दशकों की मेहनत के बाद भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौता हुआ। इससे यूरोपीय बाजार में आने वाले लगभग 90 प्रतिशत सामान पर टैक्स खत्म हो जाएगा। यह समझौता पूरी तरह लागू होने के बाद एक्सपोर्ट वैल्यू का 99 प्रतिशत से अधिक कवर करेगा। इसमें मरीन प्रोडक्ट्स, केमिकल्स, प्लास्टिक्स, बेस मेटल्स, फुटवियर और जेम्स जैसे मुख्य भारतीय निर्यात पर टैरिफ लगभग शून्य हो जाएगा। वहीं, यूरोप से आने वाले लगभग सभी मशीनरी, कई केमिकल, फार्मास्यूटिकल्स के एक बड़े हिस्से पर टैरिफ बहुत कम या शून्य हो जाएगा। वहीं ऑटो और खेती के उत्पादों को इससे अलग रखा गया है।

भारत का यूएई और ओमान के साथ व्यापार समझौता : इसके बाद भारत की नजर अब गल्फ पर है। भारत ने पहले ही संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के साथ एक ट्रेड एग्रीमेंट किया हुआ है, जो मई 2022 में लागू हुआ था। इसके अलावा भारत ने ओमान के साथ भी एक नया कॉम्पिहैंसिव इकनॉमिक पार्टनरशिप एग्रीमेंट (CEPA) किया है। इन दोनों समझौतों ने कई भारतीय उत्पादों के लिए मध्य पूर्व में तेज और सस्ता एक्सेस उपलब्ध कराया है। ऐसे में भारत अब छह देशों के संगठन गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ डील करने को तैयार है।

भारत और GCC ने टर्म ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए : भारत और GCC ने 5 फरवरी 2026 को समझौते के टर्म ऑफ रेफरेंस पर हस्ताक्षर किए थे। इससे दोनों देशों में समझौते के लिए एक व्यापक औपचारिक बातचीत शुरू हुई है। लगभग 15 वर्षो में पहली बार भारत और GCC व्यापार समझौते को लेकर इतना आगे बढ़े हैं। अगर भारत और GCC में मुक्त व्यापार समझौता हो जाता है तो इससे भारतीय उत्पादों के लिए खाड़ी देशों के रास्ते और ज्यादा खुल जाएंगे। इसमें यूएई और ईरान के अलावा सऊदी अरब, कतर, कुवैत और बहरीन तक भारतीय सामान आसानी से पहुंचेंगे।

इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर में तेजी : भारत अगर गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल (GCC) के साथ ट्रेड डील कर लेता है तो इससे इंडिया-मिडिल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (IMEC) काफी तेजी आएगी। IMEC की घोषणा 2023 में नई दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन के दौरान हुआ था। यह समझौता भारत के पश्चिमी तट को खाड़ी देशों के रास्ते यूरोप तक जोड़ेगा। इसमें शिपिंग, रेल लाइन, रोड, पावर लाइन, हाइड्रोजन पाइपलाइन और अंडरसी डेटा केबल को भी शामिल किया जाएगा। अनुमानों के अनुसार IMEC कॉरिडोर भारत से यूरोप के बीच व्यापार के समय को 40 प्रतिशत तक कम कर देगा और स्वेज नहर वाले रास्ते की तुलना में लॉजिस्टिक लागत को 30 प्रतिशत तक घटा देगा।