World Radio Day : जमशेदपुर के चिन्मय महतो के लिए ट्रांजिस्टर जीवन की धड़कन, 900 से अधिक का संग्रह

Jamshedpur-World-Radio-Day

जमशेदपुर : डिजिटल युग में मोबाइल, इंटरनेट और ओटीटी प्लेटफॉर्म ने मनोरंजन की दुनिया बदल दी है। आज रेडियो अधिकतर कारों के एफएम तक सीमित रह गया है। लेकिन जमशेदपुर के कदमा उल्याण इलाके में रहने वाले 65 वर्षीय चिन्मय महतो आज भी रेडियो की मधुर आवाज में अपनी दुनिया बसाते हैं। उनके पास 900 से अधिक दुर्लभ रेडियो का संग्रह है, जो उन्हें पूरे देश में एक अलग पहचान देता है।

पेशे से वकील, दिल से रेडियो प्रेमी : चिन्मय महतो पेशे से वकील हैं, लेकिन उनका असली परिचय उनके रेडियो संग्रह से है। यह जुनून उन्हें विरासत में मिला। उनके पिता भारतीय वायुसेना में कार्यरत थे और वर्ष 1945 में जापान से एक सोनी ट्रांजिस्टर रेडियो लेकर लौटे थे।

कभी रेडियो था मनोरंजन का एकमात्र माध्यम : उस समय आकाशवाणी कोलकाता ही एकमात्र मनोरंजन का माध्यम था। जब रेडियो बजता, तो मोहल्ले के सैकड़ों लोग उनके घर के बाहर जमा हो जाते थे। वहीं से चिन्मय महतो का रेडियो से रिश्ता शुरू हुआ।

पोस्टकार्ड से आती थी फरमाइशें : समय के साथ उन्होंने विविध भारती और रेडियो सीलोन सुनना शुरू किया। उस दौर में फरमाइशी गीत पोस्टकार्ड के जरिए भेजे जाते थे। जब रेडियो पर उनके नाम से गीत बजते, तो वे इलाके में चर्चित हो गए।

पहला रेडियो और लाइसेंस का दौर : साल 1975 में उन्होंने टाटा कंपनी का नेल्को रेडियो खरीदा, जिसकी कीमत 125 रुपये थी। उस समय रेडियो चलाने के लिए हर साल 10 रुपये का लाइसेंस भी जरूरी था। यहीं से उन्होंने रेडियो तकनीक और इतिहास को गंभीरता से समझना शुरू किया।

दुनिया भर से जुटाए अनमोल रेडियो : वर्ष 1995 में उन्हें जर्मनी से “द वॉयस ऑफ जर्मनी” डिजिटल रेडियो उपहार में मिला। इसके बाद उनका संग्रह अंतरराष्ट्रीय हो गया। आज उनके पास भारत के अलावा जापान, फ्रांस, रोमानिया, बेलारूस और इंडोनेशिया के रेडियो भी हैं।

1957 का बुश रेडियो बना शान : उनके पास 1957 में बना बुश कंपनी का रेडियो सबसे पुराना है। इसके साथ फिलिप्स, बीपीएल, नेल्को और पैनासोनिक जैसी कंपनियों के रेडियो भी शामिल हैं।

विश्व रेडियो दिवस पर विशेष प्रदर्शनी : हर वर्ष 13 फरवरी को विश्व रेडियो दिवस पर वे अपने घर कदमा उल्याण, 21/ए निर्मल महतो रोड पर रेडियो प्रदर्शनी लगाते हैं। इस साल यह प्रदर्शनी 13 से 20 फरवरी तक चलेगी।