रांची : झारखंड के रांची में बड़कागांव की पूर्व विधायक और कांग्रेस नेत्री अंबा प्रसाद ने रविवार को रांची प्रेस क्लब में मीडिया को संबोधित करते हुए अपने घर तोड़े जाने की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि यह पूरी कार्रवाई एक सुनियोजित साजिश के तहत की गई है।
परिवार को निशाना बनाने का आरोप : अंबा प्रसाद ने कहा कि उनके पिता, पूर्व मंत्री योगेंद्र साव और पूर्व विधायक निर्मला महतो हमेशा रैयतों के हक की लड़ाई लड़ते रहे हैं। इसी कारण उनके परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि NTPC द्वारा जबरन जमीन अधिग्रहण का उनका परिवार लगातार विरोध करता रहा है। अंबा प्रसाद ने आरोप लगाया कि एक महिला के खिलाफ लगभग दो हजार सुरक्षाबलों की तैनाती कर उन्हें बिना किसी तैयारी के घर से बाहर निकाल दिया गया।
20 लाख रुपये के नुकसान का दावा : उन्होंने कहा कि उन्हें अपने कीमती सामान तक निकालने का मौका नहीं दिया गया, जिससे उन्हें करीब 20 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। अंबा प्रसाद ने यह भी कहा कि मामला कोर्ट में लंबित होने के बावजूद इस तरह की कार्रवाई कानून के खिलाफ है और इसे उन्होंने “गुंडागर्दी” करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि रैयतों को उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं दिया जा रहा है। अंबा प्रसाद ने राहुल गांधी के बयान का हवाला देते हुए कहा कि “संविधान को कमजोर किया जा रहा है,” और झारखंड में इसका उदाहरण देखने को मिल रहा है।
सरकार और कांग्रेस नेतृत्व पर भी साधा निशाना : अंबा प्रसाद ने राज्य सरकार और प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि पूरे मामले की जानकारी पहले ही दी गई थी, बावजूद इसके कोई कार्रवाई नहीं रोकी गई। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही राहुल गांधी से मिलकर पूरे घटनाक्रम से अवगत कराएंगी। अंबा प्रसाद ने अपने पिता योगेंद्र साव के निलंबन को भी अन्यायपूर्ण बताया और कहा कि इससे पार्टी के अंदर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
