नई दिल्ली : भारत में सिविल एविएशन सिस्टम में एक नई शुरूआत हुई है। सोमवार को उत्तराखंड के हरिद्वार में पहली बार किसी गैर-संचालित एयरलाइन के टर्बोप्रॉप विमान को भारत में ही सी-प्लेन में परिवर्तित किया गया। साथ ही इसकी सफल टेस्टिंग भी कराई गई।
सोमवार को कनाडा का डी हैविलैंड डीएचसी-6 ट्विन ऑटर विमान ने हरिद्वार स्थित गंगा बैराज ट्रायल के लिए उड़ान भरी और वापस लौटा। यह विमान अब अवनि सिंह के नेतृत्व वाली स्काईहॉप एविएशन के पास है और डीजीसीए से अंतिम लाइसेंस मिलने के बाद इसे अंडमान-निकोबार में संचालन के लिए तैनात किया जाएगा।
भारत में पहली बार प्लेन में बनाए गए फ्लोट्स : भारत में यह पहली बार है जब किसी विमान को भारत में ही फ्लोट्स यानी पानी पर उतरने वाले उपकरण लगाकर सी-प्लेन में बदला गया और उसने उड़ान भरी है। इससे पहले भारत में जो सी-प्लेन सेवाएं शुरू हुई थीं, वे पहले से बने सी-प्लेन थे। उन्हें सीधे विदेश से लाया गया था।
सफल टेस्टिंग किया गया यह विमान पहले फ्लाई बिग एयरलाइन के बेड़े का हिस्सा था, जिसने कुछ समय पहले संचालन बंद कर दिया था।
DGCA ने जारी किया प्रमाण पत्र : इस बजट में सी प्लेन सेवा को बढ़ावा देने के बाद, केंद्रीय विमानन सचिव समीर सिन्हा ने नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) से इस विमान को फ्लोट लगाकर सी प्लेन में परिवर्तित करने का प्रमाण पत्र देने को कहा। इसके बाद भारत में ही फ्लोट लगाकर विमान में संशोधन किए जाने के बाद, डीजीसीए ने विमान को उड़ान योग्यता का प्रमाण पत्र जारी किया और इसकी संचालन प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है।
यदि आगे के परीक्षण सफल रहते हैं, तो यह सी-प्लेन जल्द ही अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में उड़ान भरता दिखाई देगा। सरकार देश में बड़े स्तर पर सी-प्लेन सेवाएं शुरू करने के लिए उत्साहित है।
कन्वर्टेड सी-प्लेन की खासियत :
- यह विमान रनवे के साथ-साथ नदी, झील या समुद्र की सतह से भी टेकऑफ और लैंडिंग कर सकता है।
- पहले यह सामान्य एयरक्राफ्ट था, जिसे खास फ्लोट लगाकर सी-प्लेन में बदला गया है।
- दूरदराज या पर्यटन क्षेत्रों में एयरपोर्ट बनाए बिना हवाई सेवा शुरू की जा सकती है।
- छोटी दूरी के लिए बेहद उपयोगी, समय की बड़ी बचत करता है।
- बाढ़ या आपात स्थिति में पानी पर उतरकर राहत कार्य आसान बनाता है।
बजट में मिला था प्रोत्साहन :
- बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा था का कि सी-प्लेन की संचालन से दूरदराज के इलाकों की कनेक्टिविटी पर सरकार फोकस करेगी
- पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए सी-प्लेन निर्माण को प्रोत्साहन दिया जाएगा।
- सी-प्लेन को लेकर नई स्कीम शुरू की जाएगी
- शोधित UDAN योजना में भी सी-प्लेन सेवाओं को शामिल किया गया
