पुरुलिया : पश्चिम बंगाल में अब वोटिंग में ज्यादा वक्त नहीं बचा है. लेकिन टेंशन है कि खत्म होने का नाम नहीं ले रही.चुनाव से पहले पुरुलिया जिले के कई हिस्सों में माओवादियों से जुड़े कई पोस्टर्स बरामद हुए हैं. इस वजह से संवेदनशील जंगलमहल इलाके में सुरक्षा को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं.
सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखे संदेश : ये पोस्टर मंगलवार सुबह बलरामपुर पुलिस थाना क्षेत्र में, खास तौर पर घाटबेरा-केरुवा इलाके में एक बीट ऑफिस के पास मिले. पुलिस सूत्रों के अनुसार, ये पोस्टर सफेद कागज पर लाल स्याही से लिखे गए थे और इनमें पारंपरिक माओवादी संदेशों जैसे नारे और बातें लिखी थीं. इन पर ‘CPI (Maoist)’ के नाम से हस्ताक्षर थे, जिससे सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया.
पोस्टरों में कई मांगें शामिल थीं, जो स्थानीय मुद्दों पर केंद्रित थीं. इनमें जंगलमहल इलाके में सही सड़कों का निर्माण, रोजगार के मौके, उन लोगों के लिए आवास जिन्हें कथित तौर पर सरकारी योजनाओं से बाहर रखा गया है और कई आवास आवंटनों में हुई गड़बड़ियों की जांच शामिल है. इसके अलावा पोस्टरों में स्थानीय पंचायत प्रतिनिधियों और ब्लॉक-स्तर के अधिकारियों के लिए चेतावनियां भी लिखी थीं.
पोस्टर्स में दी गई चेतावनी : अन्य पोस्टर्स में गैर-कानूनी तरीके से शराब तस्करी, जंगली इलाके में लकड़ियों की कटाई पर लगाम लगाने और वन विभाग के अधिकारियों को चेतावनी जारी की गई है.
जैसे ही पोस्टर्स की खबर फैली तो स्थानीय लोगों में बेचैनी बढ़ गई क्योंकि पुरुलिया का इतिहास माओवादी गतिविधियों से भरा पड़ा है. पुलिस और सेंट्रल फोर्सेज तुरंत घटनास्थल पर पहुंचीं और पोस्टर्स को हटाया और अपराधियों को ढूंढने के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू किया.
क्या किसी और की है साजिश? : दिलचस्प है कि अधिकारियों का ध्यान इस ओर गया कि पोस्टर्स ए4 साइज पेपर पर छापे गए, उस तरह से नहीं जैसा मटीरियल माओवादी इस्तेमाल करते थे. ऐसा लगता है कि यह कोई अन्य ग्रुप इसमें शामिल है.
चूंकि बंगाल चुनाव में अब ज्यादा वक्त नहीं बचा है. ऐसे में अधिकारियों ने क्षेत्र में पेट्रोलिंग और सर्विलांस तेज कर दी है. इस घटना को सुरक्षा के लिए चिंता का विषय माना जा रहा है.
पुरुलिया में माओवादी शैली के पोस्टरों के सामने आने से चुनाव-पूर्व माहौल में तनाव की एक नई परत जुड़ गई है. सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और इस ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी तरह के तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए स्थिति पर बारीकी से नजर रख रही हैं.
