औरंगाबाद : झारखंड के घने जंगलों में चल रहे नक्सल विरोधी अभियान के बीच एक दुखद खबर सामने आई है। औरंगाबाद का एक बहादुर बेटा अब हमारे बीच नहीं रहा। कर्तव्य निभाते-निभाते सीआरपीएफ के कोबरा बटालियन के जवान राकेश कुमार शहीद हो गए। दरअसल औरंगाबाद जिले के हसपुरा प्रखंड के धमनी टोला शांभो गांव के रहने वाले 30 वर्षीय राकेश कुमार, सीआरपीएफ की 210 कोबरा बटालियन में तैनात थे। वे झारखंड के चाईबासा के सारंडा जंगल में नक्सल विरोधी ऑपरेशन का हिस्सा थे।
मंगलवार देर रात की घटना : मंगलवार देर रात, जब पूरा इलाका तेज आंधी-तूफान की चपेट में था तब भी राकेश अपने मिशन पर डटे रहे। इसी दौरान अचानक एक विशाल पेड़ गिर पड़ा और उसकी चपेट में आकर वे गंभीर रूप से घायल हो गए। साथियों ने तुरंत उन्हें अस्पताल पहुंचाया। पहले चाईबासा में प्राथमिक इलाज हुआ, फिर बेहतर इलाज के लिए हेलीकॉप्टर से रांची ले जाया गया। लेकिन जिंदगी की इस जंग में देश का ये वीर सपूत हार गया। और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।
बहादुर योद्धा को सलाम : राकेश सिर्फ एक जवान नहीं थे वो एक बहादुर योद्धा थे। हाल ही में उन्होंने नक्सल विरोधी अभियान में तीन नक्सलियों को मार गिराया था, जिसके लिए उन्हें सम्मान और प्रमोशन भी मिला था। शहीद राकेश अपने परिवार के सबसे बड़े बेटे थे। साल 2014 में उनकी शादी पिंकी देवी से हुई थी। उन दोनों की तीन बेटियां और एक बेटा है। अब इन मासूम बच्चों के सिर से पिता का साया उठ चुका है। शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव लाया जा रहा है जहां पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। गांव में मातम पसरा है। लेकिन हर आंख में अपने लाल पर गर्व भी है।
