धनबाद : स्टेशन रोड मजार-मस्जिद और बैंक मोड़ कर्बला के लिए नई समिति की घोषणा, लंबे समय से था विवाद

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धनबाद : झारखंड में धनबाद के स्टेशन रोड स्थित हजरत सैयद हसन अली शाह एवं जलाल शाह शाबिली मजार शरीफ तथा मस्जिद स्टेशन रोड और कर्बला, बैंक मोड़ के बेहतर देख रेख संचालन के लिए ग्यारह सदस्यीय प्रबंधन समिति का गठन का आदेश निर्गत किया है।

झारखंड सरकार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग अंतर्गत झारखंड राज्य सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड रांची ने ज्ञापांक-88 दिनांक-19.03.2026 के माध्यम से हजरत सैयद हसन अली शाह एवं जलाल शाह शाबिली मजार शरीफ तथा मस्जिद स्टेशन रोड और कर्बला, बैंक मोड़ के बेहतर देख रेख संचालन के लिए ग्यारह सदस्यीय प्रबंधन समिति का गठन का आदेश निर्गत किया है।

नई प्रबंधन समिति का गठन : इस समिति में कमाल अशरफ-अध्यक्ष, मो जफीर आलम-उपाध्यक्ष, मो मोजीब अंसारी-सचिव, मो युसूफ-संयुक्त सचिव, मो एजाज अहमद-कोषाध्यक्ष सहित मो अब्दुल वाजिद खान, मो वसीम, अनवर हुसैन, मो नौशाद, मो मुबारक हुसैन, मो अशफाक हुसैन को सदस्य नियुक्त किया गया है।

प्रशासनिक पदाधिकारियों की हुई प्रतिनियुक्ति : वहीं पूर्व के प्रबंधन समिति से नई गठित प्रबंधन समिति को प्रभार सौंपने के लिए शिव प्रसाद गोराई-प्रभारी प्रखंड कल्याण पदाधिकारी धनबाद और किशोर कुणाल-प्रखंड कल्याण पदाधिकारी टुंडी को प्रतिनियुक्त किया गया है। उक्त पदाधिकारी 13 अप्रैल को संबंधित स्थल पर जाकर समिति के हस्तांतरण की प्रक्रिया को नियमानुसार पूरा कराएंगे। इस बाबत ज्ञापांक 364 दिनक 08.04.2026 को आदेश जारी किया गया है।

मालूम हो कि विगत कई वर्षों से स्टेशन रोड शाबिली मजार एवं मस्जिद तथा करबला बैंक मोड़ के प्रबंधन समिति पर समय-समय पर अनियमितता का आरोप लगाता रहा है। इस फैसले के बाद शबीली मजार से ताल्लुक रखने वाले अब्दुल वाजिद खान ने बताया कि पिछले कई वर्षों से स्टेशन रोड मजार में कुछ लोगों ने येन केन प्रकरण से कई प्रकार के असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त थे। जो मजार एवं मस्जिद के धन व सम्पत्ति का दुरूपयोग कर रहे थे। इससे उक्त धार्मिक स्थल के प्रति आस्था रखने वालों वाले अनुयायियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

वही कथित कमेटी द्वारा मजार-मस्जिद परिसर में भवन निर्माण के नाम पर अवैध ढंग से तोड़फोड़ भी कर रखा था। नई कमेटी के गठन होने से उपरोक्त स्थलों पर अनुयायियों को उनकी भावना के अनुरूप कार्य करने में बल मिलेगा। इससे उक्त स्थल का माहौल शांतिपूर्ण तथा सामाजिक बनेगा।

बताते चले कि झारखंड धनबाद के स्टेशन रोड में सैयद हजरत हसन अली शाह एवं हजरत सैयद जलाल शाह का ऐतिहासिक मजार-मस्जिद अवस्थित है। जो वर्ष 1958 से पूर्व का बताया जाता है। इस धार्मिक स्थल पर विभिन्न समुदाय व आस्था वाले लोग अपनी मुरादें लेकर पहुंचते हैं। इसे कोयलांचल में रूहानियत, अकीदत और सामाजिक एकता का केंद्र माना जाता रहा है।

वर्तमान में भी झारखंड के विभिन्न समुदाय के लोगों की आस्था और भावना इससे जुड़ी हुई है। इनके महत्व की वजह से प्रशासनिक-पुलिस महकमा द्वारा भी धार्मिक आयोजनों और कार्यक्रमों में पूरी नेकदिली के साथ विभाग की उपस्थिति दर्ज कराई जाती रही है।

स्टेशन रोड स्थित सबिली मजार-मस्जिद विवाद में एक पक्ष कमेटी फंड के हिसाब में गड़बड़झाला का आरोप लगा रहा था तो वहीं दूसरा पक्ष मजार के अंदर दबंगई करने का आरोप लगा रहा था। पुलिस-प्रशासन की मौजुदगी में दोनों पक्षों की कई बार बैठक हुइ। लेकिन विवाद दिन-ब-दिन उलझता और बढ़ता हुआ दिख रहा था। इस संबंध में मजार शरीफ के विवाद को लेकर अब्दुल वाजिद खान ने पूर्व में धनबाद जिला प्रशासन को लिखित शिकायत देकर कई गंभीर बातें सामने रखी थी। उन्होंने यह भी बताया था कि उनके दादा सूफी संत हज़रत जलाल शाह सबिली (रहमतुल्लाह अलैह) का देहांत वर्ष 1979 में हुआ था और उनकी कब्र मुबारक इसी स्थल पर स्थित है।

ऐतिहासिक मजार शरीफ (मस्जिद व मजार) विवाद :

  • इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल पर कुछ लोगों द्वारा अवैध कब्जा और अनुचित उपयोग का आरोप है।
  • दान पेटी के पैसों का सही हिसाब न रखने और पुरानी समिति के कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी कार्य करने पर भी सवाल उठाए गए हैं।
  • समिति के सदस्यों को धमकियां मिलने और परिसर में तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं, जिससे प्रशासन और वक्फ बोर्ड से हस्तक्षेप की मांग की गई है।
  • धनबाद में मजार विवाद जमीन, संपत्ति प्रबंधन और धार्मिक स्थलों के संचालन से जुड़े हैं, जिससे स्थानीय समुदाय में असंतोष और तनाव पैदा होता है।