ISRO : पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की ओर बड़ा कदम, दूसरे इंटिग्रेटेड एयर ड्रॉप की सफल टेस्टिंग

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नई दिल्ली : भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान की ओर इसरो ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। ध्रुवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान (PSLV) की लगातार असफलताओं और कुछ महीनों की खामोशी के बाद भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ( ISRO ) ने दूसरे इंटिग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) की सफल टेस्टिंग की है।

सेकंड इंटिग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट की सफलता की जानकारी केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह दी है। उन्होंने बताया इसकी टेस्टिंग श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष स्टेशन में हुई। हालांकि इस टेस्ट को लेकर इसरो की ओर से अभी तक कोई बयान नहीं जारी किया गया है।

जितेंद्र सिंह ने दी बधाई : जितेंद्र सिंह ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा, भारत की पहली मानव अंतरिक्ष उड़ान गगनयान के लिए अगले वर्ष होने वाली इसरो की इंटिग्रेटेड एयर ड्रॉप टेस्ट (IADT-02) की सफल सफलता पर इसरो को बधाई। यह परीक्षण सतीश धवन अंतरिक्ष स्टेशन श्रीहरिकोटा में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। यह गगनयान मिशन की तैयारियों की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

2027 में लॉन्च किया जाएगा गगनयान मिशन : भारत का पहला मानव अंतरिक्ष मिशन 2027 में श्रीहरिकोटा से लॉन्च किया जाएगा। तकनीकी जटिलता के कारण मिशन में कई बार देरी हुई है, लेकिन भारत स्वदेशी रूप से इसकी क्षमता विकसित कर रहा है।

गौरतलब है कि अंतरिक्ष मिशन से जुड़ी ऐसी महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां गोपनीय रखी जाती हैं और कोई भी देश इन्हें साझा नहीं करता है।

गगनयान मिशन के लिए आवंटित किए गए 10,000 करोड़ रुपए : सरकार ने गगनयान कार्यक्रम के लिए लगभग 10,000 करोड़ रुपए आवंटित किए हैं। यह मिशन अब अपने अंतिम चरण में है और पहली मानवयुक्त उड़ान 2027 की पहली तिमाही में होने की उम्मीद है। इससे पहले, 8 अप्रैल को, इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन ने कहा था कि मानव रहित गगनयान मिशन की सभी तैयारियां सुचारू रूप से चल रही हैं।

स्मार्ट स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशंस पर दूसरे अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में बोलते हुए उन्होंने कहा, ‘हम पहले मानवरहित गगनयान मिशन से ठीक पहले मिल रहे हैं। यह कोई साधारण मिशन नहीं, बल्कि भारत के लिए एक महत्वपूर्ण मिशन है। अंतिम मानवयुक्त प्रक्षेपण से पहले तीन मानव रहित मिशन होंगे। पहले मिशन की सभी गतिविधियां अच्छी तरह से आगे बढ़ रही हैं, हालांकि चुनौतियां अभी भी बनी हुई हैं।’