रांची : झारखंड के कई हिस्सों में मौसम ने कहर बरपाया है। बंगाल की खाड़ी से लेकर राजस्थान तक फैली टर्फ लाइन के प्रभाव से राज्य में आंधी-पानी और वज्रपात (ठनका) की घटनाओं में भारी इजाफा देखने को मिल रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान झारखंड के कोडरमा, लातेहार और चतरा जिलों में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से पांच लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में राजस्थान से बांग्लादेश तक एक टर्फ लाइन और उत्तर प्रदेश के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय है, जिसका सीधा असर झारखंड पर पड़ रहा है। इसके चलते तापमान में तो भारी गिरावट आई है, लेकिन जानमाल का खतरा बढ़ गया है।
वज्रपात ने छीनी पांच जानें : झारखंड में शनिवार को हुई वज्रपात की घटनाओं ने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। सबसे हृदय विदारक घटना कोडरमा के सतगावां प्रखंड में हुई, जहां एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। मृतकों में एक महिला, उनका बेटा और बुआ शामिल हैं। इसके अलावा लातेहार के बालूमाथ में एक युवक और चतरा के टंडवा में एक किशोरी की मौत ठनका गिरने से हुई है।
- कोडरमा : एक ही परिवार के 3 लोगों की वज्रपात से मौत।
- लातेहार और चतरा : वज्रपात से 2 अन्य लोगों की मौत और 3 लोग घायल।
- हवा की रफ्तार : 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली आंधी।
- तापमान : रांची में अधिकतम तापमान 33.3 डिग्री रहा, जो सामान्य से 4 डिग्री कम है।
- बोकारो : अधिकतम तापमान में 10 डिग्री की भारी गिरावट दर्ज की गई।
तापमान में गिरावट का असर : बारिश और ठंडी हवाओं के कारण झारखंड के कई जिलों के तापमान में 4 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आई है। रांची मौसम केंद्र के वैज्ञानिक अभिषेक आनंद ने बताया कि राजस्थान से बांग्लादेश तक और उत्तर प्रदेश से ओडिशा तक बनी टर्फ लाइन के कारण यह मौसमी बदलाव आया है। मेदिनीनगर 39.4 डिग्री के साथ राज्य का सबसे गर्म स्थान रहा, जबकि अन्य जिलों में मौसम सुहाना बना हुआ है।
अगले चार दिनों के लिए चेतावनी : मौसम विभाग ने साफ किया है कि आफत का ये सिलसिला अभी थमेगा नहीं। अगले चार दिनों तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में मेघ गर्जन के साथ बारिश और वज्रपात की प्रबल संभावना है। विभाग ने लोगों को चेतावनी दी है कि वे खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें, क्योंकि ठनका गिरने का खतरा बना रहेगा।
