गृहमंत्री अमित शाह का सीमावर्ती इलाकों का दौरा शुरू, स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट पर करेंगे चर्चा

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नई दिल्ली : केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आने वाले दिनों में देश के कई सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेंगे। इस दौरान वह सीमा चौकियों पर जवानों के साथ समय बिताएंगे और जमीनी हालात का जायजा लेंगे। शाह का फोकस सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाने, बांग्लादेशी घुसपैठ रोकने और नशे की तस्करी पर लगाम कसने पर रहेगा। गृह मंत्रालय, बीएसएफ और राज्य सरकारों के अधिकारियों के साथ स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट को लेकर भी अहम बैठकें होंगी। गृह मंत्री सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रही योजनाओं की समीक्षा करेंगे और जवानों की समस्याएं भी सुनेंगे।

अमित शाह का सीमावर्ती दौरा कहां से शुरू होगा? : गृह मंत्री अमित शाह अपने दौरे की शुरुआत राजस्थान के बीकानेर से करेंगे। 26 मई को वह बीएसएफ की 179वीं वाहिनी की सीमा चौकी सांचू पहुंचेंगे। यहां वह प्रहरी सम्मेलन में हिस्सा लेंगे और जवानों के साथ संवाद करेंगे। इसके अलावा शाह महिला बैरकों का ई-उद्घाटन भी करेंगे। बीकानेर में गृह मंत्री की एक उच्चस्तरीय बैठक भी प्रस्तावित है। इस बैठक में बीएसएफ के वरिष्ठ अधिकारी, सीमावर्ती जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल होंगे। बैठक में सीमा सुरक्षा, घुसपैठ और सीमावर्ती इलाकों की चुनौतियों पर चर्चा होगी। सरकार का उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाना है।

किन राज्यों में करेंगे दौरा और क्या रहेगा फोकस? : बीकानेर के बाद अमित शाह 29 मई को गुजरात के भुज जाएंगे। वहां वह बीएसएफ की सीमा चौकी का दौरा करेंगे और हरामी नाला क्षेत्र में तैनात जवानों से बातचीत करेंगे। यह इलाका सुरक्षा के लिहाज से काफी संवेदनशील माना जाता है। इसके बाद पांत जून को गृह मंत्री त्रिपुरा पहुंचेंगे। यहां वह भारत-बांग्लादेश सीमा से जुड़े इलाकों का दौरा करेंगे। पूर्वोत्तर राज्यों में घुसपैठ और नशे की तस्करी लंबे समय से बड़ी चुनौती बनी हुई है। ऐसे में शाह सीमा सुरक्षा बल और राज्य अधिकारियों के साथ हालात की समीक्षा करेंगे।

स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट पर क्या होगी चर्चा? : गृह मंत्री अमित शाह स्मार्ट फेंसिंग प्रोजेक्ट को लेकर भी अधिकारियों के साथ विस्तार से चर्चा करेंगे। इस परियोजना का मकसद तकनीक के जरिए सीमा सुरक्षा को और मजबूत बनाना है। इसके तहत सेंसर, कैमरे और आधुनिक निगरानी प्रणाली का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि घुसपैठ को तुरंत रोका जा सके। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर राज्यों में ऐसे कई इलाके हैं जहां अभी पूरी तरह फेंसिंग नहीं हो पाई है। पश्चिम बंगाल सरकार ने कुछ इलाकों में फेंसिंग के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की है। इस विषय पर गृह मंत्री की बीएसएफ और राज्य सरकार के अधिकारियों के साथ अलग से बैठक होगी।

जवानों और सीमावर्ती इलाकों पर सरकार का क्या फोकस? : गृह मंत्री के दौरे का बड़ा उद्देश्य सीमा पर तैनात जवानों का मनोबल बढ़ाना भी है। शाह सीमा चौकियों पर जवानों के साथ समय बिताएंगे और उनकी समस्याओं को समझने की कोशिश करेंगे। सरकार सीमावर्ती इलाकों में बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं को भी मजबूत करना चाहती है। सीमा सुरक्षा एजेंसियां लगातार घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और नशे के कारोबार जैसी चुनौतियों से जूझ रही हैं। ऐसे में गृह मंत्री का यह दौरा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा और नई रणनीति तैयार करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। आने वाले दिनों में सीमा सुरक्षा को लेकर कई बड़े फैसले लिए जा सकते हैं।