हजारीबाग : झारखंड के हजारीबाग जिले के बड़कागांव (सिकरी ओपी) थाना क्षेत्र में हुए तुलसी महतो हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा किया। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके पास हत्या में प्रयुक्त हथियार भी बरामद किया।
जानकारी के अनुसार, 2 मार्च को बड़कागांव (सिकरी ओपी) थाना क्षेत्र में तुलसी महतो की धारदार हथियार से गला रेतकर निर्मम हत्या कर दी गई थी। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को तालाब के किनारे फेंक दिया गया था।
घटना के बाद मृतक की पत्नी के लिखित आवेदन के आधार पर बड़कागांव (सिकरी ओपी) थाना में 4 मार्च को मुकदमा दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बड़कागांव पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले की जांच की और कम समय में ही इस हत्याकांड का खुलासा करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि उनका काफी समय से तुलसी महतो के साथ जमीन को लेकर विवाद और आपसी रंजिश चल रही थी। करीब तीन महीने पहले तुलसी महतो के पिता की मौत हो गई थी, जिसके बाद वह घर का अकेला सदस्य रह गया था। इसी का फायदा उठाने के लिए आरोपियों ने उसकी हत्या कर जमीन हड़पने की साजिश रची।
योजना के तहत आरोपियों ने तुलसी महतो को मीना महतो के घर छठियारी खाने के बहाने बुलाया। वहां उसे अत्यधिक शराब पिलाई गई। देर रात जब वह घर लौट रहा था, उसी दौरान रास्ते में धक्का देकर गिरा दिया गया और सभी आरोपियों ने मिलकर उसे जमीन पर पकड़ लिया। इसके बाद लोहे के हथियार चिल्होठी (बैठी) से उसका गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या के बाद साक्ष्य छिपाने के उद्देश्य से शव को तालाब किनारे फेंक दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में सुरेंद्र महतो, मीना महतो और बासुदेव महतो, तीनों निवासी पारनदी, सिकरी, थाना बड़कागांव, जिला हजारीबाग को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त लोहे का हथियार चिल्होठी (बैठी), एक मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद किए हैं।
