नई दिल्ली/ढाका : बांग्लादेश में आज गुरुवार 12 फरवरी को राष्ट्रीय चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। करीब 18 महीने पहले जुलाई 2024 के छात्र विद्रोह के बाद यह बांग्लादेश का पहला चुनाव है। इस बगावत ने 15 साल से शासन कर रहीं शेख हसीना को सत्ता से बेदखल कर दिया था। उन्हें प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देकर देश छोड़ना पड़ा था और मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में एक अंतरिम सरकार बनी थी। यूनुस के नेतृत्व वाले अंतरिम शासन ने कहा है कि वह स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराने के लिए प्रतिबद्ध है। चुनाव के लिए 500 विदेशी ऑब्जर्वर पहुंच चुके हैं, जिनमें यूरोपियन यूनियन और कॉमनवेल्थ देशों के लोग शामिल हैं। देश का राजनीतिक माहौल दशकों से शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी के इर्द-गिर्द घूमता रहा है। यूनुस प्रशासन के अवामी लीग पर प्रतिबंध लगाने के बाद तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP आगे निकलती दिखाई दे रही है। BNP को चुनौती कट्टर इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी दे रही है। इसने 11 पार्टियों के साथ गठबंधन किया है।
बांग्लादेश चुनाव में किस पार्टी को बढ़त? : बांग्लादेश में बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी वाले गठबंधन के बीच कड़ा मुकाबला है। दिसम्बर 2025 में अमेरिका के इंटरनेशनल रिपब्लिकन इंस्टीट्यूट ने एक पोल में बीएनपी को 33 प्रतिशत वोट के साथ आगे दिखाया था। उस सर्वे में जमात-ए-इस्लामी 29 प्रतिशत वोट के साथ थोड़ा ही पीछे थी। वोटों की गिनती मतदान के बाद ही शुरू कर दी जाएगी। पिछले चुनावों में आमतौर पर ट्रेंड अगली सुबह आने लगते थे। हालांकि, बांग्लादेश चुनाव आयोग का कहना है कि इस बार गिनती में समय ज्यादा लग सकता है। इस बार संसदीय चुनाव के साथ ही रिफॉर्म पैकेज पर रेफरेंडम के लिए भी वोटिंग होगी।
बांग्लादेश में संसदीय चुनाव के लिए शुरू हुई वोटिंग : बांग्लादेश में 13वें संसदीय चुनाव के लिए वोटिंग शुरू हो गई है। ढाका समेत देश के 42779 मतदान केंद्रों पर 12.77 करोड़ वोटर्स उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे। ढाका के गुलशल मॉडल स्कूल और कॉलेज में बने पोलिंग केंद्र पर मतदाताओं की लंबी लाइन देखी गई। देश में 299 सीट पर आज वोट डाले जा रहे हैं। चुनाव आयोग ने बताया है कि एक सीट पर कैंडिडेट की मौत के बाद वोटिंग रद्द कर दी गई है।
बांग्लादेश चुनाव में BNP और जमात-ए-इस्लामी का मुकाबला : बांग्लादेश के 13वें संसदीय चुनाव में बांग्लादेश नेशलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के बीच प्रमुख टक्कर बताई जा रही है। तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP 10 पार्टियों वाले गठबंधन के साथ मैदान में हैं। 60 साल के रहमान 17 साल के स्वनिर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे हैं। उनके प्रधानमंत्री बनने की संभावना जताई जा रही है। BNP के मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी है, जो 11 पार्टियों वाले गठबंधन का नेतृत्व कर रही है। इस गुट में नेशनल सिटीजन पार्टी भी है, जिसे हसीना के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले छात्रों ने बनाया है।
शेख हसीना के बेटे सजीब ने चुनाव को बताया दिखावा : बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि ये चुनाव पूरी तरह से दिखावा हैं। गुरुवार को होने वाले संसदीय चुनाव के मतदान से एक दिन पहले वाजेद ने कहा कि इस चुनाव के नतीजे पहले से तय हैं और यह खास राजनीतिक ताकतों को किनारे करने के लिए बनाया गया है। वॉशिंगटन में रहने वाले वाजेद ने इंडिया टुडे से बताया कि शेख हसीना बहुत निराश हैं और देश के भविष्य को लेकर बहुत परेशान हैं। सजीब ने कहा, ये पूरी तरह से दिखावा है। उन्होंने अवामी लीग पर प्रतिबंध लगा दिया है। अवामी लीग को हमेशा 30 से 40 प्रतिशत वोट मिले हैं। अगर सबसे बड़ी पार्टी हिस्सा नहीं ले सकती तो आप इसे चुनाव कैसे कह सकते हैं?
बांग्लादेश चुनाव में किसके बीच है मुकाबला? : बांग्लादेश के चुनाव में तारिक रहमान के नेतृत्व वाली BNP को सबसे आगे माना जा रहा है। हालांकि, इसे देश की सबसे बड़ी इस्लामिक पार्टी जमात-ए-इस्लामी से कड़ी टक्कर मिल रही है। इस बार चुनाव में कुल 51 राजनीतिक पार्टियां और लगभग 2000 उम्मीदवार मैदान में हैं। देश की सबसे बड़ी पार्टी अवामी लीग को यूनुस सरकार ने प्रतिबंधित कर दिया था, जिसके चलते वह हिस्सा नहीं ले पा रही है। चुनाव में जीतने वाली पार्टी मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार से प्रशासन हाथ में लेगी।
बांग्लादेश में 12.77 करोड़ मतदाता डालेंगे वोट : बांग्लादेश में गुरुवार को 299 संसदीय क्षेत्रों में 42779 केंद्रों पर वोट डाले जाने हैं। चुनाव आयोग ने बताया है कि देश में 12.77 करोड़ मतदाता है। इसमें 6.48 करोड़ पुरुष और 6.28 करोड़ महिला वोटर हैं। संसदीय चुनाव के लिए पूरे देश में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। शांतिपूर्ण मतदान के लिए सेना के साथ ही अन्य सुरक्षा बलों के करीब 958,000 सदस्य तैनात किए गए हैं।
