बीसीसीएल के आईपीओ से कोल इंडिया को 600 करोड़ रुपये से अधिक के मुनाफे की उम्मीद

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नई दिल्ली : सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज खनन कंपनी कोल इंडिया लिमिटेड अपनी सहायक इकाई भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की शेयर बाजार में लिस्टिंग के जरिए बड़ा मुनाफा कमाने की तैयारी है। 

आगामी इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (आईपीओ) के जरिए कोल इंडिया बीसीसीएल में अपनी 10 प्रतिशत हिस्सेदारी का विनिवेश कर रही है, इससे उसे 600 करोड़ रुपये से अधिक का शुद्ध लाभ होने का अनुमान है। यह 2026 का पहला मेनबोर्ड आईपीओ होगा, जिसका उद्देश्य कंपनी की वैल्यू अनलॉकिंग करना है।

कंपनी की रेड हेरिंग प्रोस्पेक्टस (आरएचपी) के अनुसार, आईपीओ के लिए प्राइस बैंड 21-23 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। कोल इंडिया के लिए बीसीसीएल के शेयरों की भारित औसत अधिग्रहण लागत 10 रुपये प्रति शेयर है। इस आधार पर, कंपनी को प्रति शेयर 12-13 रुपये का मुनाफा होने की उम्मीद है।

प्राइस बैंड के ऊपरी स्तर पर, कोल इंडिया को इस बिक्री से कुल लगभग 1,071 करोड़ रुपये प्राप्त होंगे। चूंकि अधिग्रहण लागत लगभग 466 करोड़ रुपये है, इसलिए शुद्ध लाभ (नेट गेन) करीब 605 करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। यह मूल निवेश पर लगभग 130 प्रतिशत का शानदार रिटर्न दर्शाता है।

यह आईपीओ पूरी तरह से ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) है। इसका अर्थ है कि बीसीसीएल को आईपीओ से कोई राशि प्राप्त नहीं होगी और पूरी आय कोल इंडिया को जाएगी। आईपीओ 9 जनवरी को सब्सक्रिप्शन के लिए खुलेगा और 13 जनवरी को बंद होगा। शेयरों की लिस्टिंग बीएसई और एनएसई पर 16 जनवरी, 2026 को होनी है।

बाजार में उत्साह और ग्रे मार्केट प्रीमियम बाजार सहभागियों में इस इश्यू को लेकर खासा उत्साह है। रिपोर्टों के मुताबिक, अनौपचारिक ग्रे मार्केट में बीसीसीएल के शेयर संभावित इश्यू प्राइस से 13.5 रुपये से 14 रुपये के प्रीमियम पर ट्रेड कर रहे हैं। सहायक कंपनियों की लिस्टिंग की उम्मीदों ने कोल इंडिया के शेयर को भी मजबूती दी है, जो पिछले पांच दिनों में 6.29 प्रतिशत बढ़कर 426 रुपये पर पहुंच गया है।

भविष्य की योजनाएं बीसीसीएल की लिस्टिंग कोल इंडिया की अपनी प्रमुख सहायक कंपनियों के मुद्रीकरण की व्यापक योजना का पहला कदम है। कंपनी के बोर्ड ने महानदी कोलफील्ड्स लिमिटेड और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड जैसी अन्य इकाइयों के आईपीओ को भी मंजूरी दे दी है, जो भविष्य में कतार में हैं। बीसीसीएल का आईपीओ कोल इंडिया के लिए अपनी बैलेंस शीट को और मजबूत करने और शेयरधारकों के लिए वैल्यू बनाने का एक रणनीतिक प्रयास है। बाजार की नजर अब 9 जनवरी को खुलने वाले इस इश्यू के रिस्पॉन्स पर टिकी होगी।