कोलकाता : पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हाई है. पक्ष-विपक्ष एक दूसरे के ऊपर जमकर तंज कस रहा है. इसी बीच पश्चिम बंगाल के कूच बिहार जिले में एक ट्रक पुल पार कर रहा था और इसी दौरान पुल भरभराकर गिर गया. जिसे लेकर राजनीति शुरू हो गई है. BJP ने TMC पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है.
ट्रक पार कर रहा था पुल : यह घटना तब हुई जब सीतलकुची में सामान से लदा एक डंपर पुल पार कर रहा था, जिससे वह गिर गया. अधिकारियों ने कन्फर्म किया कि ड्राइवर को बचा लिया गया और उसे प्राइमरी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया गया. एक पुलिस ऑफिसर ने मीडिया को बताया है कि घटना में किसी की जान नहीं गई है और घटना के तुरंत बाद सीनियर अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं.
हादसे की रहती थी आशंका : यह पुल बारोमशिया देबनाथपारा में है, जो एक नदी के ऊपर देबनाथपारा न्यू मार्केट को बारोमशिया से जोड़ता है. लोकल लोगों ने बताया कि यह पुल लगभग 25 से 30 साल पुराना है और इसका मेंटेनेंस ठीक से नहीं किया गया है, उन्होंने बताया कि भारी गाड़ियां अक्सर इस पुल का इस्तेमाल करती थीं और कई लोगों को कुछ समय से ऐसे हादसे की आशंका थी. उन्हें लंबे समय से हादसे का डर था. लोगों ने चेतावनी दी कि अगर कोई दूसरा रास्ता या टेम्पररी पुल अरेंज नहीं किया गया तो माध्यमिक एग्जाम से पहले कनेक्टिविटी की दिक्कतें होंगी.
भाजपा ने घेरा : हादसे के बाद BJP IT सेल चीफ अमित मालवीय ने X पर पोस्ट किया और कहा कि कूचबिहार के सीतलकुची में यह पुल इस बात का साफ सिंबल है कि ममता बनर्जी के राज में ‘कट मनी’ कल्चर ने पश्चिम बंगाल के साथ क्या किया है, सरकारी पैसे की हेराफेरी, घटिया कंस्ट्रक्शन, जीरो अकाउंटेबिलिटी और आम लोगों को हर दिन अपनी जान जोखिम में डालने के लिए छोड़ दिया गया. यह डेवलपमेंट नहीं है, यह करप्शन से होने वाली गिरावट है.
TMC का पलटवार : इसके बाद TMC लीडर देबांग्शु भट्टाचार्य देव ने मालवीय पर पलटवार करते हुए लिखा कि TMC को लेफ्ट सरकार के समय बने पुल से ‘कट मनी’ कैसे मिल सकती है? क्या BJP बता सकती है कि पिछले 1-2 सालों में गुजरात और बिहार में उनके डबल इंजन ‘स्पेस टेक्नोलॉजी’ से बने कितने पुल गिरे?
