बंगाल : चुनाव आयोग ने SIR में लगे सात अफसर को किया निलंबित, वोटर लिस्ट पुनरीक्षण के काम में गड़बड़ी

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कोलकाता/नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के काम में लगे सात अधिकारियों को निलंबित किया गया है। चुनाव आयोग ने गंभीर कदाचार के आरोपी इन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। राज्य के मुख्य सचिव को अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू करने का निर्देश भी दिया गया है। दोषी पाए गए सभी अफसर एसआईआर प्रक्रिया में सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। निर्वाचन आयोग ने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 13सीसी के तहत यह कार्रवाई की है।

निलंबित किए गए सभी अधिकारी चुनाव आयोग के सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के रूप में कार्यरत थे। बूथ स्तर के अधिकारी और निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी आमतौर पर राज्य सरकार के कर्मचारी होते हैं, जिन्हें मतदाता सूची के अद्यतन और चुनाव प्रक्रिया में सहयोग के लिए आयोग में प्रतिनियुक्ति पर भेजा जाता है।

आयोग के आदेश का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बताया कि पश्चिम बंगाल की मुख्य सचिव नंदिनी चक्रवर्ती को निर्देश दिया गया है कि संबंधित अधिकारियों के खिलाफ उनके कैडर नियंत्रक प्राधिकरणों के माध्यम से बिना किसी देरी के अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाए। साथ ही, इस संबंध में की गई कार्रवाई की जानकारी आयोग को उपलब्ध कराई जाए।

निलंबित अधिकारियों की सूची :

  • डॉ. सफी उर्रहमान : एईआरओ, सहायक निदेशक, कृषि विभाग, 56-समसेरगंज विधानसभा क्षेत्र, मुर्शिदाबाद जिला
  • नीतीश दास : राजस्व अधिकारी, फरक्का और 55-फरक्का विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
  • डालिया रे चौधरी : एईआरओ, महिला विकास कार्यालय, मैनागुड़ी विकास खंड और 16-मैनागुड़ी विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
  • एसके मुर्शिद आलम : एडीए, सूती ब्लॉक और 57-सूती विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
  • सत्यजीत दास : संयुक्त बीडीओ और 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
  • जॉयदीप कुंडू : एफईओ और 139-कैनिंग पुरबो विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ
  • देबाशीष बिस्वास : संयुक्त बीडीओ और 229-डेबरा विधानसभा क्षेत्र के लिए एईआरओ