कोलकाता : पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के एक मामले में हुमायूं कबीर के दामाद के पिता की चल-अचल संपत्तियां जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हुमायूं कबीर फिलहाल निलंबित तृणमूल कांग्रेस नेता और भरतपुर से विधायक हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, ललगोला थाना क्षेत्र में रहने वाले शरीफुल इस्लाम की लगभग 10 करोड़ रुपये की संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है। शरीफुल इस्लाम, हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना के ससुर हैं।
नशीले पदार्थों की तस्करी का आरोप : पुलिस का आरोप है कि शरीफुल इस्लाम पिछले करीब सात वर्षों से नशीले पदार्थों की तस्करी में शामिल रहे हैं और इसी अवैध कमाई से उन्होंने जमीन, मकान और व्यावसायिक संपत्तियां खरीदीं। ये संपत्तियां ललगोला के नालदहारी समेत कई इलाकों में स्थित हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि पिछले साल 25 मार्च को कबीर के दामाद के एक रिश्तेदार जियाउर रहमान को उसके घर के पास से करीब 500 ग्राम मादक पदार्थ के साथ गिरफ्तार किया गया था। उसी मामले की जांच के दौरान शरीफुल इस्लाम की कथित भूमिका सामने आई।
हुमायूं कबीर ने आरोपों को बताया राजनीतिक साजिश : बताया गया है कि जब्ती की प्रक्रिया 1 जनवरी से ही शुरू हो गई थी। उच्च अधिकारियों से अनुमति मिलने के बाद पुलिस ने शरीफुल इस्लाम की कुल 17 संपत्तियों की पहचान की है, जिनमें से कुछ मकान राष्ट्रीयकृत बैंक को किराए पर दिए गए हैं। सोमवार दोपहर से इन संपत्तियों को जब्त करने की कार्रवाई तेज कर दी गई। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए हुमायूं कबीर ने आरोपों को राजनीतिक साजिश बताया। उन्होंने कहा कि उनके समधी का जियाउर रहमान से कोई कारोबारी संबंध नहीं है और यह पूरा मामला उन्हें राजनीतिक रूप से परेशान करने के लिए गढ़ा गया है।
मेरा दामाद वैध कारोबार से जुड़ा है- हुमायूं कबीर : हुमायूं कबीर ने यह भी दावा किया कि उनके दामाद ईंट भट्टों और जमीन के वैध कारोबार से जुड़े हैं और नियमित रूप से आयकर भी चुकाते हैं। उन्होंने कहा कि इस पुलिस कार्रवाई के खिलाफ वे कलकत्ता हाईकोर्ट का रुख करेंगे। वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह पूरी कार्रवाई कानून के दायरे में की जा रही है। एक जिला पुलिस अधिकारी के अनुसार, अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों के खिलाफ यह कदम नशा विरोधी अभियान के तहत उठाया गया है और जब्ती की प्रक्रिया अगले दो-तीन दिनों तक जारी रहेगी।
हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना का बयान : वहीं इस मामले में हुमायूं कबीर की बेटी नजमा सुल्ताना का कहना है, ‘हम कोई अवैध काम नहीं कर रहे हैं। पहले पुलिस आई थी। जब हमने पूछताछ की, तो उन्होंने कुछ नहीं कहा। कुछ दिन पहले हमें नोटिस मिला। इसलिए हमने अदालत का रुख किया। कुछ दिन पहले हमें नोटिस मिला… यह मेरे पिता के खिलाफ एक राजनीतिक साजिश है… ममता बनर्जी के लोग मेरे पिता को बदनाम करने के लिए ऐसा कर रहे हैं।’
