आरा : बिहार के भोजपुर जिले का बड़हरा इलाका मंगलवार को उस समय रणक्षेत्र में तब्दील हो गया, जब चातर गांव के पकड़िया टोला में कथित धर्मांतरण की सूचना पर हिंदू संगठनों और स्थानीय ग्रामीणों के बीच तीखी झड़प हो गई। मामले के केंद्र में ‘ पानी वाले बाबा ‘ नामक एक व्यक्ति है, जिस पर झाड़-फूंक की आड़ में भोले-भाले ग्रामीणों को गुमराह कर उनका धर्म बदलवाने का गंभीर आरोप लगा है। घटना की सूचना मिलते ही इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
क्या है पूरा मामला? : घटनाक्रम की शुरुआत मंगलवार सुबह हुई जब बजरंग दल के कार्यकर्ताओं को यह सूचना मिली कि गांव में बड़े पैमाने पर लोगों को दूसरे धर्म की ओर प्रेरित किया जा रहा है। आरोपों के मुताबिक, आरोपित व्यक्ति नेपाल से धार्मिक किताबें मंगवाकर ग्रामीणों के बीच बांटता था और उन्हें लालच देकर धर्म परिवर्तन के लिए समझाता था। हिंदू संगठनों का दावा है कि यह पूरी गतिविधि एक सोची-समझी साजिश का हिस्सा है, जिसमें गरीब और अशिक्षित लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। गांव में जैसे ही यह खबर फैली, आक्रोशित युवाओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
क्या कहती है पुलिस? : हंगामे की सूचना मिलते ही बड़हरा थाना पुलिस दलबल के साथ चातर गांव पहुंची। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके से कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेने का प्रयास किया। लेकिन तभी कहानी में एक नया मोड़ आ गया। गांव की बड़ी संख्या में महिलाएं पुलिस के सामने ढाल बनकर खड़ी हो गईं। इन महिलाओं का तर्क था कि ‘पानी वाले बाबा’ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार हैं। महिलाओं का कहना है कि बाबा के ‘पवित्र जल’ और प्रार्थना से उनकी पुरानी बीमारियां ठीक हुई हैं और वे अपनी मर्जी से वहां आती हैं।
कैसे बढ़ा विवाद? : देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि महिलाओं और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। आक्रोशित महिलाओं ने पुलिस टीम के साथ धक्का-मुक्की की और हिरासत में लिए गए संदिग्धों को जबरन पुलिस की गिरफ्त से छुड़ा लिया। कुछ समय के लिए मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और पुलिस को पीछे हटने पर मजबूर होना पड़ा। महिलाओं का उग्र रूप देखकर पुलिस ने संयम बरता, लेकिन गांव में तनाव को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है।
