छपरा : सारण जिले के छपरा में स्वास्थ्य व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां एक निजी नर्सिंग होम संचालक द्वारा नवजात शिशु की खरीद–फरोख्त का काला धंधा उजागर हुआ है। मशरख नगर पंचायत क्षेत्र के महावीर चौक स्थित निजी नर्सिंग होम में इस अवैध गतिविधि की सूचना मिलने के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया।
सारण के वरीय पुलिस अधीक्षक डॉ. कुमार आशीष को गुप्त सूचना मिली थी कि मशरख मुख्यालय स्थित एक नर्सिंग होम में नवजात शिशुओं की सौदेबाजी की जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और मशरख तथा पानापुर क्षेत्र के दो निजी नर्सिंग होम में एक साथ छापामारी की गई।
छापामारी के दौरान एक नवजात शिशु को सुरक्षित बरामद किया गया, जिसे चिकित्सीय देखरेख के लिए सदर अस्पताल छपरा भेज दिया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित निजी नर्सिंग होम को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। पुलिस ने खरीददार सहित कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
स्थानीय थाने की पुलिस ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। जिला और पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नवजात शिशु की खरीद–फरोख्त जैसे मानव तस्करी से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर नरमी नहीं बरती जाएगी। जांच के दौरान यह भी खंगाला जा रहा है कि इस रैकेट में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
इस कार्रवाई के दौरान दिल्ली के मिशन मुक्ति फाउंडेशन से बीरेंद्र कुमार, मशरख के अंचल अधिकारी सुमंत कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी पंकज कुमार, अंचल पुलिस निरीक्षक इंद्रजीत महंतो, नगर पंचायत के कार्यपालक पदाधिकारी बब्लू कुमार, थानाध्यक्ष रणजीत कुमार पासवान और नारायणी सेवा संस्थान से अखिलेंद्र सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।
