पटना : बिहार की राजनीति में बदलाव के रूप में नेतृत्व परिवर्तन अब अपने अंतिम दौर में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पद से इस्तीफे की तारीख भी सामने आ चुकी है। सूत्रों के मुताबिक मुख्यमंत्री पहले ही विधान परिषद से इस्तीफा दे चुके हैं। बहुत जल्द वे मुख्यमंत्री पद से भी इस्तीफा सौंप देंगे। बिहार में नई सरकार के गठन को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है।
इसी बीच नीतीश कुमार के सिपहसालार और करीबी मंत्री विजय चौधरी ने बड़ी जानकारी दी है। कुल मिलाकर नीतीश कुमार के प्रदेश की राजनीति से निकलकर दिल्ली के सियासी गलियारों में एंट्री की पटकथा लिखी जा चुकी है। टाइमलाइन भी करीब- करीब तय हो चुका है। उससे पहले नीतीश कुमार के करीबी विजय चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में राज्य के अगले मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण को लेकर जानकारी दी है।
विजय चौधरी का बयान! : विजय चौधरी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि 9 अप्रैल, को दिल्ली के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार रवाना होंगे। परसों यानी 10 अप्रैल को राज्यसभा सदस्य के रूप में उच्च सदन में शपथ ग्रहण करेंगे। उसके बाद प्रदेश में नई सरकार के गठन का रास्ता साफ होगा और आगे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
विजय चौधरी ने कहा कि नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद एनडीए में शामिल सभी दलों की बैठक होगी। नई सरकार के गठन पर अंतिम फैसला किया जाएगा। उसके बाद नई सरकार का गठन होगा। उन्होंने साफ कर दिया है कि नीतीश कुमार के इस्तीफा देने से पहले कैबिनेट की बैठक जरूरी है। मुख्यमंत्री अपना इस्तीफा सीधे राज्यपाल को सौंपेंगे।
नई सरकार का गठन : विजय चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री परसों शपथ लेंगे। सरकार का गठन इसके बाद होगा। मुख्यमंत्री के इस्तीफे के बाद, NDA के सभी दल बैठक करेंगे और जिसमें निर्णय लिया जाएगा तब सरकार का गठन होगा। सूत्रों से मिल रही जानकारी के मुताबिक 10 अप्रैल को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण के बाद वे दोबारा यानी 11 और 12 अप्रैल को दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह सहित केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात करेंगे।
उसके बाद वो सीधे पटना लौट आएंगे। राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप देंगे। सूचना के मुताबिक 13 अप्रैल को मुख्यमंत्री बिहार सरकार के कैबिनेट की अंतिम बैठक लेंगे। इस बैठक में अहम फैसले लिए जाएंगे। मौजूद विकास योजनाओं की समीक्षा के अलावा आवश्यक दिशा निर्देश भी जारी किए जाएंगे।
नए मुख्यमंत्री के नाम की चर्चा : बताया जा रहा है कि 13 अप्रैल को नए मुख्यमंत्री के नाम की चर्चा होगी। उसके बाद अंतिम मुहर भी लग जाएगी। उसके बाद 14 अप्रैल को नीतीश कुमार अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंपेगें। सियासी गलियारों में चर्चा है कि 14 अप्रैल या फिर 15 अप्रैल को बिहार के नए मुख्यमंत्री शपथ लेंगे। नीतीश के उत्तराधिकारी के 14 या 15 अप्रैल के आसपास शपथ लेने की उम्मीद है।
हिंदू पंचांग के अनुसार, इस समय के आसपास एक महीने तक रहने वाला अशुभ काल ‘खरमास’ समाप्त हो रहा है, जिसके बाद बिहार में नई सरकार के गठन का मार्ग प्रशस्त होगा। नए मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण से पहले एनडीए के घटक दलों के शीर्ष नेता सरकार के फार्मूले पर निर्णय लेंगे। इसके बाद मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण होगा और नई सरकार अपना कामकाज शुरू कर देगी।
नए नाम की घोषणा नहीं! : नीतीश के उत्तराधिकारी के बारे में अभी तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं हुई है, हालांकि कई नामों की चर्चा चल रही है। भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व एनडीए की बैठक के आसपास बिहार के अगले मुख्यमंत्री का चयन करेगा। वे गठबंधन की विधायक दल के नेता के रूप में चुने जाने के लिए एनडीए की बैठक में भी उपस्थित रहेंगे। अपने एक बयान में बिहार बीजेपी अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा है कि भाजपा और एनडीए (राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन) का केंद्रीय नेतृत्व नेता का चुनाव करेगा। नीतीश कुमार भी इस प्रक्रिया का हिस्सा होंगे।
हालांकि, खबर ये भी है कि नीतीश के बेटे निशांत कुमार को नई सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाया जाएगा। उन्होंने 8 मार्च को जेडीयू ज्वाइन किया था। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपने सभी विधायकों को 11 अप्रैल की शाम से पटना में उपस्थित रहने का निर्देश दिया है।
