बिहार : कड़ाके की ठंड में विराट शिवलिंग को देखने उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

Bihar-Shivling

गोपालगंज : बिहार में इन दिनों पछुआ हवाओं के कारण कड़ाके की ठंड और कनकनी बढ़ गई है, लेकिन महादेव के भक्तों के उत्साह के आगे मौसम बेअसर नजर आ रहा है। गोपालगंज जिले में नेशनल हाईवे के समीप 96 चक्का ट्रक पर लदे विश्व का सबसे विराट शिवलिंग इन दिनों कौतूहल और आस्था का केंद्र बना हुआ है। 

भीषण ठंड और घने कोहरे के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु महादेव के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। जैसे-जैसे लोगों को इस विशालकाय शिवलिंग की जानकारी मिल रही है, नेशनल हाईवे पर भक्तों की कतारें लंबी होती जा रही हैं। आलम यह है कि पूरा इलाका ‘हर-हर महादेव’ और ‘जय भोलेनाथ’ के जयकारों से गूंज उठा है।

हाईवे से गुजरने वाले राहगीर भी रुक कर भगवान शिव के इस भव्य स्वरूप का नमन कर रहे हैं। आज शीत दिवस जैसी स्थिति है। इसके बावजूद क्या बच्चे और क्या बुजुर्ग? सभी इस विराट शिवलिंग की एक झलक पाने को बेताब दिखे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहले कभी इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को ठंड के मौसम में इस तरह उमड़ते नहीं देखा। विराट शिवलिंग को देखकर अलग ही अनुभूति हो रही है।

हाईवे पर दर्शन करने पहुंचे श्रद्धालु सत्यम गोस्वामी का कहना है कि इतने भव्य शिवलिंग के सामने खड़े होना अपने आप में एक आध्यात्मिक और विस्मयकारी अनुभव है। इसकी विशालता और दिव्यता को शब्दों में बयां कर पाना कठिन है। वहीं संतोष पाठक ने इसे कला और भक्ति का अद्भुत संगम बताते हुए कहा कि इतने भव्य स्वरूप को देखकर हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर गर्व महसूस हो रहा है।

मनोज राय ने शिवलिंग की शिल्पकारी को अविश्वसनीय बताया। उनका कहना है कि इतने बड़े पत्थर को तराशकर इस तरह का स्वरूप देना किसी चमत्कार से कम नहीं है। आज के आधुनिक दौर में भी ऐसी कारीगरी लोगों को आश्चर्यचकित कर देती है और यह स्थल श्रद्धा के साथ-साथ कला का भी अनुपम उदाहरण बन गया है।

यह शिवलिंग तमिलनाडु के महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है। यह विशाल शिवलिंग एक ही बड़े ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जो भारतीय शिल्पकला का अद्भुत उदाहरण प्रस्तुत करता है। शिवलिंग में पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक साफ दिखायी देती है। 
इसका वजन 210 टन है, जबकि लंबाई 33 फुट व मोटाई 33 फुट है, जिसे विशेष रूप से डिजाइन किये गये 96 चक्के के ट्रक पर लोड किया गया है। गोपालगंज से यह यात्रा करीब 45 से 50 घंटे में पूरी हुई और अब यह पूर्वी चंपारण में प्रवेश करेगा। गोपालगंज में जगह-जगह लोग शिवलिंग का स्वागत करने और पूजा-अर्चना करने के लिए खड़े थे।

गौरतलब हो कि बिहार राज्य धार्मिक न्यास समिति के अध्यक्ष रहे स्व आचार्य किशोर कुणाल ने विराट रामायण मंदिर का निर्माण करने के लिए शिलान्यास किया था। 20 जून, 2023 को शिलान्यास के बाद से नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह की पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। 
पूर्वी चंपारण के चकिया के पास कथवलिया में दुनिया का सबसे बड़ा विराट रामायण मंदिर बन रहा है, जो अयोध्या के राम मंदिर से कई गुना बड़ा होगा और इसमें कंबोडिया के अंगकोर वाट से भी ऊंचा शिखर होगा, यह मंदिर महावीर मंदिर पटना ट्रस्ट द्वारा बनाया जा रहा है और 2026 तक पूरा होने की उम्मीद है, जिसमें 20,000 लोगों के बैठने की क्षमता वाला हॉल होगा और यह 140 एकड़ में फैला है। यह शिवलिंग उसी मंदिर में स्थापित होना है।