गोपालगंज : विश्व के सबसे विराट 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग को पूर्वी चंपारण स्थित विराट रामायण मंदिर तक पहुंचाने की चुनौती गोपालगंज प्रशासन के सामने खड़ी हो गई है। 2178 किलोमीटर की लंबी यात्रा पूरी कर यह 33 फुट ऊंचा शिवलिंग गोपालगंज पहुंच चुका है और फिलहाल यूपी-बिहार बलथरी चेकपोस्ट पर रुका हुआ है। इसे नारायणी नदी पार कर पूर्वी चंपारण ले जाना प्रस्तावित है।
प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती गंडक नदी पर स्थित डुमरिया घाट सेतु है। पुल की जर्जर स्थिति और शिवलिंग के अत्यधिक वजन को देखते हुए यह सवाल खड़ा हो गया है कि इतना भारी शिवलिंग सुरक्षित तरीके से नदी कैसे पार करेगा। इसी को लेकर प्रशासनिक स्तर पर मंथन तेज हो गया है।
रविवार की शाम गोपालगंज के जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा और पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित मौके पर पहुंचे और शिवलिंग का जायजा लिया। इसके साथ ही डुमरिया घाट सेतु की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए पुल निगम और विशेषज्ञ इंजीनियरों की टीम को बुलाया गया है।
जिलाधिकारी पवन कुमार सिन्हा ने बताया कि इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों के साथ लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है। सुरक्षा, तकनीकी क्षमता और वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर चर्चा के बाद ही अंतिम निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरी तैयारी और अनुमति के बिना शिवलिंग को नारायणी नदी पार नहीं कराया जाएगा।
पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित ने कहा कि शिवलिंग के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के जुटने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। साथ ही ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए विशेष योजना लागू की जा रही है, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो।
उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु के महाबलीपुरम में 33 फुट ऊंचा और 33 फुट लंबा यह विशाल शिवलिंग तैयार किया गया था। 30 दिनों में 2178 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर यह गोपालगंज पहुंचा है। इसे पूर्वी चंपारण के कल्याणपुर में नवनिर्मित विराट रामायण मंदिर में स्थापित किया जाना है।
सोमवार की दोपहर बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी गोपालगंज पहुंचेंगे। वे शिवलिंग का विधिवत पूजन करेंगे। पूजन के बाद ही शिवलिंग अपने गंतव्य स्थल विराट रामायण मंदिर के लिए प्रस्थान करेगी।
