झारखंड : बोकारो में अमन साहू गैंग के 7 शूटर अरेस्ट, एनकाउंटर में अपराधी घायल; कई हथियार जब्त

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बोकारो : झारखंड के बोकारो जिले में बढ़ती आपराधिक गतिविधियों और रंगदारी के मामलों पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अमन साहू गिरोह से जुड़े 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस गिरोह को दबोचने के लिए नगर पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में गठित विशेष टीम गठित की गई थी, उसी टीम ने कार्रवाई करते हुए सात आरोपियों को धर दबोचा है।

बोकारो एसपी बताया कि पिछले कुछ दिनों से अमन साहू गिरोह, राहुल दुबे और मयंक सिंह गिरोह का नाम सामने आ रहा था। इन सभी की ओर से प्रकाश शुक्ला नामक व्यक्ति की ओर से बोकारो के व्यवसायियों और ठेकेदारों से मोबाइल फोन के माध्यम से रंगदारी की मांग की जा रही थी। रंगदारी नहीं देने पर जान से मार देने की धमकी दी जा रही थी।

एसआईटी ने 7 अपराधियों को किया गिरफ्तार : इस संबंध में बालीडीह थाना और बीएस सिटी थाना कांड दर्ज किया गया था, जिसमें भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराएं लगाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया। टीम ने तकनीकी एवं मानवीय सूचना के आधार पर छापेमारी कर कुल 7 अपराधियों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हुई : कॉपरेटिव कालोनी का प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भाटिया, बंसीडीह चास का श्याम कुमार सिंह, शिवशक्ति कॉलोनी, चास का अजय कुमार चास का ही ओम प्रकाश पॉल , जैनेन्द्र, गोलू कुमार (बंसीडीह, चास) और भूपेंद्र सिंह (बांसगोड़ा, सिवनडीह) शामिल हैं।

आरोपियों के पास से कई हथियार जब्त : गिरफ्त में आए आरोपियों के पास से 01 देसी कट्टा, 01 पिस्टल (7.65 एमएम), 02 जिंदा कारतूस (.315 बोर), 08 जिंदा कारतूस (7.65 एमएम), 01 मैगजीन, 02 चाकू बरामद किया गया। इसके अलावा रंगदारी में उपयोग किया गया मोबाइल,अन्य 7 मोबाइल फोन, 01 स्कूटी, 02 एटीएम कार्ड औक 600 रुपये नगद बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, इन मोबाइल फोन का उपयोग रंगदारी मांगने में किया जा रहा था।

पुलिस टीम पर फायरिंग, अपराधी को पैर में लगी गोली : पूछताछ के दौरान मुख्य आरोपी प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भैया ने हथियार की बरामदगी के क्रम में पुलिस टीम पर फायरिंग की थी जिसके जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी है। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

कई आरोपियों पर पहले से आपराधिक मामले दर्ज : पुलिस जांच में गिरफ्तार अपराधियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। कई आरोपियों पर पूर्व में 5 से 10 तक आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो विभिन्न थाना क्षेत्रों में सक्रिय रहे हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और संगठित अपराध पर नियंत्रण के लिए आगे भी इस तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।