चाईबासा : झारखंड में पश्चिम सिंहभूम जिले के जंगली इलाकों में हाथियों का रिहाइशी इलाकों में घुसना अब एक बड़ी समस्या बन चुका है। ग्रामीणों को डर है कि अगर जल्द ही ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो ऐसी घटनाएं और भी बढ़ सकती है। जंगली हाथी ने ‘पुजारी मौसी’ को कुचलकर मार डाला। बताया गया है कि राज्य में 25 वर्षों में 1400 लोगों ने जान गंवाई है।
एक महिला की मौत, बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल : बताया गया है कि चाईबासा सदर प्रखंड के बड़ाकुंडिया पंचायत के तुरामडीह गांव में एक जंगली हाथी ने भारी उत्पात मचाते हुए एक महिला को मौत के घाट उतार दिया और एक बुजुर्ग को गंभीर रूप से घायल कर दिया।
झोपड़ी तोड़कर महिला को निकाला बाहर : जानकारी के अनुसार यह दर्दनाक घटना बीती रात की है। जंगली हाथी खुले मैदान के पास स्थित झोपड़ी तक जा पहुंचा। हाथी ने न केवल झोपड़ी को तहस-नहस किया, बल्कि वहां मौजूद 55 वर्षीय महिला हांदू कुई को बेरहमी से कुचल दिया। महिला की मौके पर ही मौत हो गई। इसी हमले में एक बुजुर्ग व्यक्ति भी चपेट में आ गए, जिन्होंने किसी तरह टूटी हुई झोपड़ी के मलबे में छिपकर अपनी जान बचाई।
‘पुजारी मौसी’ के नाम से थी मशहूर : मृतका हांदू कुई मूल रूप से तांतनगर प्रखंड के तेंताडा गांव की निवासी थी। वह पिछले एक महीने से बड़ाकुंडिया में रहकर पूजा-पाठ का काम कर रही थी। स्वभाव से मिलनसार होने के कारण ग्रामीण उन्हें सम्मान से ‘पुजारी मौसी’ कहकर बुलाते थे। उनकी मौत की खबर फैलते ही पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
