चंडीगढ़ : 20 दिसंबर 2024 को राजस्थान के जयपुर में एलपीजी टैंकर ब्लास्ट जैसा कांड एक बार फिर हो सकता था। ऐसा हादसा और कहीं नहीं बल्कि पंजाब और हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ के पास होते-होते बच गया। अगर कहीं ऐसा होता तो यहां एक नहीं बल्कि कई गांव व कस्बे तबाह हो सकते थे। हजारों जिंदगियां खतरे में पड़ सकती थी। शहरों के साथ गांव के गांव भी इसकी जद में हो सकते थे।
चंडीगढ़ से महज 30 किमी. दूर पंजाब के मोहाली के लालड़ू के पास अंबाला-कालका रेल मार्ग पर वीरवार को हजारों लीटर पेट्रोल लेकर जा रही मालगाड़ी के कई डिब्बे पटरी से उतर गए। इस मालगाड़ी में कुल 50 बोगियां लगी थी, जो पेट्रोल से भरी थी। गनीमत रही कि पेट्रोल से भरे ट्रेन के डिब्बे पलटने से बच गए। अगर ट्रेन की ये बोगियां पलट जाती तो स्वाभाविक था कि इनमें आग लग जाती। ऐसे में बम धमाकों से भी बड़े ब्लास्ट हो सकते थे।
आप अंदाजा लगा सकते हैं कि हजारों लीटर पेट्रोल से भरी मालगाड़ी की 50 बोगियों में अगर आग लगती तो इसका असर कई किमी. तक होता। लालड़ू से अंबाला करीब 20 किमी दूर है। डेराबस्सी 10 किमी के दायरे में है और जीरकपुर 20 से 25 किमी तक पड़ता है। ऐसे में चंडीगढ़ भी 30 किमी के दायरे में आता है। ऐसे में स्वाभाविक था कि अगर ऐसा हादसा होता तो अंबाला से लेकर चंडीगढ़ तक इसका मंजर भयंकर होता।
पेट्रोल के 50 डिब्बों के लेकर जा रही मालगाड़ी के पांच से छह डिब्बे रेल ट्रैक से नीचे उतर गए। बोगियों के पहिए हवा में लटक गए थे। अगर एक भी डिब्बा पलट जाता तो तुरंत पेट्रोल आग पकड़ लेता और फिर एक के बाद एक पेट्रोल से भरे डिब्बों में धमाके होते। इससे एक साथ कई गांव और शहर भी तबाह हो जाते। क्योंकि जहां ये हादसा हुआ वहां से हरियाणा और पंजाब की सीमा लगती है।
ऐसे में हरियाणा के अंबाला और पंजाब के लालड़ू, डेराबस्सी, जीरकपुर और यहां तक की धमाकों से राजधानी चंडीगढ़ भी दहल जाती। धमाकों की गूंज और इसकी आग से कई जिंदगियां तबाह हो सकती थी।
अंबाला-कालका रेलवे मार्ग पर लालडू़ के वीरवार दोपहर 2 बजे यह बड़ा हादसा होने से टल गया। लालड़ू रेलवे स्टेशन के पास हजारों लीटर पेट्रोल भरी मालगाड़ी की 6 बोगियां पटरी से उतर गई। गनीमत रही कि बोगी पलटी नहीं, ऐसे में बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे की जानकारी मिलते ही रेलवे अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
मौके पर अंबाला से रेलवे अधिकारी पहुंच गए हैं। ट्रेन की बोगियां ट्रैक से उतरने की वजह से अंबाला कैंट की तरफ से चंडीगढ़ की तरफ जाने वाली ट्रेनें बीच रास्ते फंस गई। लखनऊ व पश्चिम एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनों को रास्ते में ही रोक दिया गया, जिस वजह से यात्रियों को परेशान होना पड़ा।