झारखंड : चतरा में अफीम तस्करों पर नकेल, 27 सौ एकड़ में प्रतिबंधित नशे का कारोबार ध्वस्त; 22 गिरफ्तार

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चतरा : झारखंड के चतरा जिले में अफीम तस्करों के खिलाफ पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी आर्थिक कमर तोड़ दी है। हजारों एकड़ में फैली प्रतिबंधित अफीम की खेती को नष्ट कर दिया गया है। पुलिस के इस अभियान से नशे के कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

एसपी सुमित कुमार अग्रवाल के निर्देश पर न सिर्फ चतरा जिले के विभिन्न थानों की पुलिस अफीम विनष्टिकरण अभियान चला रही है, बल्कि इस अवैध धंधे में संलिप्त तस्करों और माफियाओं के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की प्रक्रिया अपनाने में जुटी है। पुलिस ने ऐसे मामलों में हालिया दिनों में सैंकड़ो लोगों के विरुद्ध करीब दो दर्जन अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। जिनमें से 22 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा जा चुका है।

27 सौ एकड़ में लगे अफीम को किया गया नष्ट : चतरा पुलिस ने लावालौंग, कान्हाचट्टी, प्रतापपुर, कुंदा, सदर और सिमरिया थाना समेत अन्य क्षेत्रों में व्यापक अभियान चलाकर करीब 2700 एकड़ में लगी अफीम की फसल को नष्ट कर दिया। इस दौरान दो दर्जन से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि अवैध खेती में संलिप्त 22 पैडलरों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

टमाटर व गोभी की खेती कर आत्मनिर्भर बनें किसान : पुलिस की इस कार्रवाई में स्थानीय ग्रामीणों का भी सहयोग मिल रहा है। गांव-गांव में जाकर पुलिस टीम लोगों को जागरूक कर रही है और अफीम की खेती से होने वाले नुकसान के बारे में समझा रही है। एसपी सुमित कुमार अग्रवाल नें कहा है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि अफीम की खेती छोड़कर किसान वैकल्पिक खेती अपनाएं। टमाटर, गोभी जैसी फसलें उगाकर वे बेहतर आमदनी कर सकते हैं।

नशे का कारोबार न सिर्फ कानूनन अपराध है, बल्कि यह परिवार और समाज दोनों को बर्बाद करता है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस अवैध कारोबार में संलिप्त तस्करों और माफियाओं की संपत्ति को भी जप्त करने की कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने साफ कहा है कि अवैध नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। साथ ही, उन्होंने किसानों से अपील की है कि वे वैध और लाभकारी खेती की ओर कदम बढ़ाएं।

बहरहाल चतरा पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से साफ है कि जिले में नशे के कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाने की तैयारी है। ऐसे में अब देखना दिलचस्प होगा कि यह अभियान कितनी तेजी से इस अवैध धंधे को जड़ से खत्म कर पाता है। या फिर एसपी के अफीम मुक्त चतरा के दावे फाईलों व आंकड़ों में ही सिमट कर रह जाता है।