नई दिल्ली : मैदान पर भारत का मुकाबला करने की औकात नहीं रही तो पड़ोसी मुल्कों ने अब ‘नैरेटिव वार’ के जरिये भारत का खेल बिगाड़ने की ओछी साजिश शुरू कर दी है। कंगाली से जूझ रहा पाकिस्तान और आंतरिक अराजकता की आग में जल रहा बांग्लादेश मिलकर टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की सफल मेजबानी में रोड़े अटकाने के लिए हाथ मिला चुके हैं। पश्चिम बंगाल में निपाह के महज दो छिटपुट मामलों को महामारी बताकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट बिरादरी में खौफ फैलाने की साजिश चल रही है।
सीधे तौर पर भारत की स्पोर्ट्स इकोनॉमी और आईसीसी और बीसीसीआई की साख के खिलाफ छेड़ा गया एक संगठित डिजिटल टेररिज्म है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इस साजिश की हवा निकाल दी है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा कि भारत में जानलेवा निपाह वायरस का खतरा कम है और इसके फैलने का कोई संकेत नहीं है।
WHO के स्वास्थ्य इमरजेंसी कार्यक्रम की अधिकारी ने क्या कहा? : डब्ल्यूएचओ के स्वास्थ्य इमरजेंसी कार्यक्रम की अधिकारी एनाइस लेगैंड ने जिनेवा में शुक्रवार को कहा कि भारत में संक्रमित दो लोगों के संपर्क में आए 190 से ज्यादा लोगों में से किसी में भी वायरस पॉजिटिव नहीं पाया गया है और न ही उनमें बीमारी के लक्षण दिखे हैं। दोनों संक्रमित मरीज अस्पताल में भर्ती हैं और जीवित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत से बाहर निपाह वायरस फैलने का खतरा कम है।
बांग्लादेश की खुली पोल : जिस निपाह का डर दिखाकर बांग्लादेश भारत को असुरक्षित बता रहा है, उसका असली घर वह खुद है। आंकड़ों के मुताबिक, बांग्लादेश में निपाह से मृत्यु दर 73 फीसदी से अधिक है और वहां यह वायरस 35 जिलों में कहर बरपा चुका है। खुद बर्बादी और संक्रमण के ढेर पर बैठे ये देश भारत की विश्वस्तरीय स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाने का दुस्साहस कर रहे हैं। जिस पाकिस्तान में बुनियादी दवाएं मयस्सर नहीं हैं, वह भारत में 100 प्रतिशत नियंत्रित स्थिति को ‘रेड अलर्ट’ बताकर खुद को ही एक्सपोज कर रहा है।
बचकाना बदला और खुन्नस का खेल : इस वार की पटकथा मुस्तफिजुर रहमान के आईपीएल से बाहर होने के बाद लिखी गई। इस तकनीकी फैसले को बांग्लादेश के कट्टरपंथी तत्वों ने राष्ट्रीय अपमान की तरह लिया और ठान लिया कि ‘अगर हमारा खिलाड़ी नहीं खेलेगा तो हम भारत का खेल बिगाड़ेंगे’। इसी खुन्नस को पाकिस्तान के प्रोपेगेंडा सेल ने हवा दी। दिलजला पाकिस्तान तो पहले से ही भारत की सफल क्रिकेट कूटनीति से जल रहा है।
- भारत : निपाह के केवल 2 मामले, 196 निगेटिव रिपोर्ट; स्थिति 100 प्रतिशत सुरक्षित और नियंत्रित।
- बांग्लादेश : 357 मामले और 73 फीसद औसत मृत्यु दर, दुनिया का सबसे बड़ा निपाह हॉटस्पॉट।
- पाकिस्तान : शून्य मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और चरमराती अर्थव्यवस्था, फिर भी भारत पर वार।
- डिजिटल फुटप्रिंट : वर्ल्ड कप के खिलाफ 70 फीसद भ्रामक पोस्ट्स पाकिस्तान और बांग्लादेश के संदिग्ध आईपी एड्रेस से संचालित।
जय शाह के खिलाफ ‘फेक न्यूज’ का टूलकिट : साजिश इतनी सुनियोजित है कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह को लेकर सोशल मीडिया पर मनगढ़ंत और भ्रामक खबरें फैलाई जा रही हैं। वायरल वीडियो के जरिए यह नैरेटिव गढ़ा जा रहा है कि जय शाह सूचनाएं छिपा रहे हैं। मकसद साफ है कि खिलाड़ियों के मन में असुरक्षा भरना और भारत की प्रशासनिक क्षमता पर सवाल उठाना। हालांकि, तथ्य इन अफवाहबाजों के मुंह पर तमाचा हैं। बंगाल के 2 मरीजों के संपर्क में आए सभी 196 लोगों की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है, जो साबित करता है कि संक्रमण का कोई फैलाव नहीं है।
