भीलवाड़ा : भीलवाड़ा जिले के आसींद कस्बा निवासी युवक दिलखुश पर तांत्रिकों के कहने पर अपनी तीसरी पत्नी को प्रताड़ित कर घर से निकालने का आरोप है। यह आरोप उसकी पत्नी ने लगाए हैं। पीड़िता पायल जैन ने पुलिस को दी शिकायत में पति और ससुरालियों को लेकर कई गंभीर खुलासे किए हैं। शिकायत के आधार पर आसींद थाने में पति सहित ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, आसींद कस्बे के एक संभ्रांत परिवार से जुड़े युवक दिलखुश बुरड़ की पहले ही दो शादियां हो चुकी थीं। इसके बाद उसने लाडपुरा निवासी पायल जैन से 17 नवंबर 2024 को तीसरी शादी की थी। विवाह समारोह लाडपुरा में आयोजित किया गया था। शुरुआती समय में पति-पत्नी के बीच संबंध सामान्य बताए गए, लेकिन कुछ समय बाद युवक तांत्रिकों के संपर्क में आ गया, जिसके बाद उसके व्यवहार में बदलाव आने लगा।
बताया जा रहा है कि तांत्रिकों ने युवक को यह कहकर गुमराह किया कि उसकी किस्मत और जीवन की स्थिति तभी सुधरेगी जब वह पांच शादियां करेगा। पीड़िता का आरोप है कि इस बात को सच मानते हुए दिलखुश बुरड़ ने उसे प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। महिला के अनुसार पति आए दिन मारपीट करता था और मानसिक रूप से परेशान करता था। हालात धीरे-धीरे इतने बिगड़ गए कि अंततः उसे घर से बाहर निकाल दिया गया।
पीड़िता पायल जैन ने आरोप लगाया कि पति ने उससे करीब दस लाख रुपये की मांग की। इसके अलावा उस पर अपने ननदोई और दोस्तों के साथ संबंध बनाने का दबाव भी डाला गया। महिला के अनुसार जब उसने इसका विरोध किया तो उसके साथ और अधिक दुर्व्यवहार किया गया और आखिरकार उसे घर से निकाल दिया गया। इसके बाद वह आसींद कस्बे में किराए के मकान में रहकर किसी तरह अपना गुजारा कर रही थी।
महिला का कहना है कि उसने कई बार ससुराल पक्ष से समझौते का प्रयास किया, लेकिन उसकी बात नहीं सुनी गई। उसका आरोप है कि पति ने उनके वैवाहिक संबंध को लिव-इन रिलेशन बताकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की। महिला के अनुसार जिस पुश्तैनी मकान में वह शादी कर आई थी, उसे भी बेच दिया गया और उसके घर के सामान को अस्त-व्यस्त कर दिया गया।
पीड़िता पायल जैन के अनुसार, उसके पति की पहले भी दो शादियां हो चुकी हैं। पहली शादी कंवलियास में दीपिका से हुई थी, जिसने कथित रूप से प्रताड़ना से परेशान होकर अपने पीहर में आत्महत्या कर ली थी।
दूसरी शादी राजाजी का करेड़ा निवासी इंदिरा से की गई थी, जिसे भी बाद में छोड़ दिया गया। पायल का आरोप है कि उसका पति किसी तांत्रिक के कहने पर यह सब कर रहा है और उसका मानना है कि पांचवीं शादी होने पर उसे वैभव और आराम मिलेगा।
पीड़िता ने बताया कि उसने करीब एक माह पहले भी आसींद थाने में शिकायत दी थी, लेकिन उस समय उसकी सुनवाई नहीं हो सकी। लंबे इंतजार के बाद अब पुलिस ने मामला दर्ज किया है।
पीड़िता के पिता शांतिलाल सुराणा ने बताया कि पायल की शादी का खर्चा दिलखुश और उसके पिता ने उठाने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में वे इससे मुकर गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष लगातार परेशान कर रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।
पुलिस ने पीड़िता की रिपोर्ट के आधार पर पति दिलखुश बुरड़, ससुर डालचंद, सास सीतादेवी, ननदोई विजय और ननद निकी के खिलाफ बीएनएस की धारा 85, 316(2) तथा दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 की धारा 4 के तहत मामला दर्ज किया है।
मामले की जांच आसींद थाने की अधिकारी सीआई श्रद्धा पचौरी को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी के अनुसार मामले में कार्रवाई शुरू कर दी गई है और जांच जारी है।
