नई दिल्ली : राजधानी दिल्ली के भारत नगर स्थित वजीरपुर जेजे कॉलोनी में एक शादी समारोह में उस समय कोहराम मच गया, जब बारात के लिए रास्ता देने की बात को लेकर लड़की के चाचा की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। बीच बचाव में आए मृतक के बड़े भाई पर भी हमलावरों ने हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। मृतक की शिनाख्त मोहन लाल के रूप में हुई है। वहीं उनके बड़े भाई वीरेंद्र की इलाज के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है। पुलिस ने हत्या और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है और चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हमलावरों में नाबालिग भी थे शामिल : जानकारी के मुताबिक सुरेश वजीरपुर जेजे कॉलोनी में सपरिवार के साथ रहते हैं। गुरुवार रात उनकी बेटी की शादी थी। शादी समारोह में शामिल होने के लिए उनके कई रिश्तेदार पहुंचे थे। उनके भाई वीरेंद्र ने बताया कि रात करीब 10 बजे बारात घर के नजदीक पहुंचने ही वाली थी। वहां पर कई ई-रिक्शा चालक सड़क को घेरकर आपस में झगड़ा कर रहे थे। उनके भाई मोहन लाल ने झगड़ा कर रहे ई-रिक्शा चालकों से बारात आने की बात कही और रिक्शा हटाने के लिए कहा।
यह बात सुनते ही सभी गुस्से में आ गए और मोहन लाल से झगड़ा करने लगे। कुछ ही देर में उनके कई और साथी भी आ गए, जिसमें कुछ नाबालिग भी थे। वीरेंद्र का आरोप है कि हमलावरों ने मोहन लाल पर पत्थर और बैट से हमला कर दिया। वह भी अपने भाई के बचाव में वहां पहुंचे। हमलावरों ने उनपर भी हमला कर दिया और सभी वहां से भाग गए। परिवार वालों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया और विवाह सम्पन्न करवाया। हालांकि इसी बीच मोहनलाल ने दम तोड़ दिया।
दीपचंद बंधु अस्पताल ले गए थे परिवार वाले : उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त आकांक्षा यादव ने बताया कि गुरुवार रात करीब 11 बजे पुलिस को वजीरपुर जेजे कॉलोनी में झगड़ा होने की जानकारी मिली। भारत नगर थाने के पुलिसकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्हें पूछताछ में पता चला कि हमले में दो लोग घायल हुए हैं और परिवार वाले उन्हें दीपचंद बंधु अस्पताल ले गए हैं। अस्पताल में के ब्लॉक निवासी 42 साल के मोहन लाल और 47 साल के वीरेंद्र का इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान मोहन लाल ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने उनके शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वीरेंद्र के बयान पर पुलिस ने हत्या और हत्या का प्रयास का मामला दर्ज कर लिया।
चार को किया गिरफ्तार : पुलिस ने मौके पर क्राइम और फोरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने छानबीन करने के बाद साक्ष्य हासिल किए। पुलिस ने आस पास के लोगों से पूछताछ और सीसीटीवी कैमरे की फुटेज की जांच की। पुलिस ने घटना के बाद कुछ ही घंटे बाद चार आरोपियों साहिल, राघव, अभिषेक और अर्जुन की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि एक आरोपी अभी भागा हुआ है, जिसकी तलाश में दबिश दी जा रही है।
खुशियां पल भर में मातम में बदला : मोहन लाल की मौत की सूचना मिलते ही परिवार में मातम छा गया। जहां कुछ पल पहले शादी की खुशियां थी और लोग बारात आने का इंतजार कर रहे थे। वीरेंद्र ने बताया कि छोटी सी बात को लेकर आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और उनके भाई की जान ले ली। उन्होंने बताया कि कुछ लोग अस्पताल में मौजूद थे, जबकि परिवार के कुछ सदस्य जल्दबाजी में शादी संपन्न करवा रहे थे। शादी के बाद परिवार वालों को मोहनलाल की मौत की सूचना मिली। उसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। वीरेंद्र ने बताया कि मोहन लाल पेशे से इलेक्ट्रिशियन थे। उनकी तीन बेटियां हैं।
सीसीटीवी कैमरे में हमला करते दिखे दर्जन भर आरोपी : घटनास्थल पर लगे कई सीसीटीवी कैमरा का फुटेज वायरल हुआ है। जिसमें दिख रहा है कि बारात नाचते गाते हुए आ रहा है। एक जगह पर बारात को निकलने में दिक्कत हो रही थी। इसी दौरान मोहन लाल वहां खड़े ई-रिक्शा चालकों को रास्ता देने के लिए कहते हैं। इस बात को लेकर उनकी कुछ देर कहासुनी होती है और फिर सभी लोग मोहनलाल के साथ मारपीट करने लगते हैं। वहीं दूसरे वायरल फुटेज में करीब दर्जन भर लोगों को मोहनलाल और उनके भाई वीरेंद्र के साथ मारपीट करते हुए देखा जा रहा है।
