देवघर : असम के मुख्यमंत्री और बीजेपी के नेता हिमंत बिस्व सरमा असम विधानसभा चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद मतदान से एक दिन पहले बुधवार को झारखंड के देवघर पहुंच गए। वे देवघर हवाई अड्डे पर पहुंचे और फिर सत्संग आश्रम चले गए। आश्रम से वे ज्योतिर्लिंग वैद्यनाथ धाम में पहुंचे। उन्होने वहां बाबा वैद्यनाथ की पूजा और अभिषेक किया। असम विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार 9 अप्रैल को मतदान होना है।
असम विधानसभा चुनाव के लिए मतदान से ठीक एक दिन पहले बुधवार को राज्य के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा झारखंड के तीर्थ स्थल देवघर पहुंच गए। वे प्लेन से देवघर हवाई अड्डे पर उतरे और इसके बाद सीधे सत्संग आश्रम रवाना हो गए। आश्रम में कुछ समय ठहरने के बाद वे वैद्यनाथ धाम के लिए कार से रवाना हो गए। सरमा का देवघर का यह दौरा अचानक हुआ। उनकी इस यात्रा के बारे में पहले से कोई घोषणा नहीं की गई थी। माना जाता है कि उन्होंने इस तीर्थ स्थल की यात्रा चुनाव में विजय की कामना को लेकर की है।
असम में आज होगा मतदान : असम में विधानसभा चुनाव के प्रचार का सिलसिला कल शाम को खत्म हो गया। राज्य में गुरुवार, 9 अप्रैल को वोटिंग होगी। वोटिंग से एक दिन पहले अचानक हिमंत बिस्वा सरमा झारखंड के देवघर शहर पहुंच गए। देवघर झारखंड का प्रसिद्ध तीर्थ स्थान है। यहां पर स्थित ज्योतिर्लिंग वैद्यनाथ धाम में दर्शन के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु आते हैं।
सरमा गुवाहाटी से हवाई जहाज से देवघर पहुंचे। इसके बाद वे एयरपोर्ट से कार से देवघर के सत्संग आश्रम चले गए। सरमा सत्संग आश्रम पहले भी कई बार गए हैं। बताया जाता है कि सरमा ने आश्रम में प्रधानाचार्य से मुलाकात की और उनका आशीर्वाद लिया। हिमंत बिस्व सरमा सत्संग आश्रम से बाबा बैद्यनाथ धाम पहुंचेऑ। वहां उन्होंने भगवान शिव का अभिषेक और पूजन किया। इस दौरान बीजेपी के सांसद निशिकांत दुबे भी उनके साथ थे।
असम में सत्संग आश्रम के हजारों अनुयायी : बताया जाता है कि देवघर के सत्संग आश्रम से जुड़े हजारों अनुयायी असम के अलग-अलग क्षेत्रों में रहते हैं। हिमंत बिस्व सरमा भी यहां के सत्संग आश्रम से जुड़े हुए हैं। वे आश्रम में प्रधानाचार्य बुबाई दा से मिले।
पवन खेड़ा से विवाद पर हिमंत की चुप्पी : गौरतलब है कि असम विधानसभा चुनाव के प्रचार के अंतिम दौर में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और हिमंत बिस्व सरमा के बीच जमकर वाकयुद्ध चलता रहा है। देवघर के हवाई अड्डे पर जब मीडिया ने सरमा से पवन खेड़ा के साथ चल रहे विवाद पर सवाल किए तो उन्होंने कोई भी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
उल्लेखनीय है कि असम के विधानसभा चुनाव में झारखंड की पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) भी मैदान में है। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने असम में जेएमएम प्रत्याशियों के समर्थन में जोरदार चुनावी अभियान चलाया। हिमंत बिस्व सरमा के लिए चुनाव में जेएमएम एक नई चुनौती बन गई है।
