झारखंड : धनबाद में तीन घर जमींदोज होने से 3 की मौत, BCCL की टीम पर पथराव; अवैध खनन बनी वजह

Dhanbad-Sonardih-Tragedy-BCCL

धनबाद : झारखंड के धनबाद जिला अंतर्गत कतरास के सोनारडीह ओपी क्षेत्र में कोयला माफिया की करतूतों के चलते एक ही परिवार के तीन सदस्यों की जान चली गई। यहां की टंडाबार बस्ती में मंगलवार को देर शाम को अवैध खदान धंसने से तीन लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद क्षेत्र में तनाव व्याप्त है। भीड़ ने बुधवार को घटनास्थल पर जायजा लेने पहुंची बीसीसीएल की टीम पर पथराव कर दिया।

टंडाबार बस्ती में मंगलवार को देर शाम को अवैध खदान धंसने से उसमें तीन लोग धंस गए। इसके बाद रेस्क्यू ऑपरेशन देर रात करीब तीन बजे तक चला। इसके बाद मलबे से मनोहर उरांव, उनकी बेटी गीता देवी और सरिता देवी के शव बरामद किए गए। इस हादसे में मनोहर का घर पूरा परिवार खत्म हो गया।

आक्रामक भीड़ ने किया पथराव : सोनारडीह में खदान के धंसने की घटना के बाद गांव में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। सोनारडीह ओपी क्षेत्र के टंडाबारी बस्ती में हादसे के बाद गुस्साए लोगों ने बुधवार को मौके पर जायजा लेने पहुंची भारत कोकिंग कोल लिमिटेड (बीसीसीएल) की टीम पर पथराव कर दिया। सीआईएसफ की टीम ने बीसीसीएल के अधिकारियों को भीड़ से बचाया।

पुनर्वास और मुआवजे की मांग : मंगलवार की शाम को हुए इस हादसे में तीन घर जमींदोज हो गए, जिसमें 3 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, जिसके कारण यह हादसा हुआ। अब लोग प्रभावित परिवारों के लिए तत्काल पुनर्वास और मुआवजे की मांग कर रहे हैं। इस हादसे में आसपास के कई घरों को भी नुकसान पहुंचा है।

अचानक अवैध खदान में समा गया घर : बाघमारा के सोनारडीह हादसे ने एक बार फिर धनबाद में अवैध कोयला उत्खनन की काली सच्चाई उजागर कर दी है। मृतकों के परिजन ने बताया कि मनोहर और गीता देवी घर में थी। इसी बीच उनकी दूसरी बेटी सरिता घर पहुंची। अचानक अवैध खनन से बनी खदान के ऊपर स्थित घर धंस गया। इससे उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला और वे तीनों जमीन में समा गए और घर के मलबे में दब गए। मनोहर की पत्नी छोटू देवी ने बताया कि वे पड़ोस में थीं जिस वजह से उनकी जान बच गई।

रेस्क्यू में देरी होने का आरोप : मृतकों के परिजनों ने बचाव कार्य में देरी किए जाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि समय पर कार्रवाई होती तो जानें बच सकती थीं। सरिता की बेटी ने भी मां के मनोहर के घर जाने और हादसे में उसकी मौत की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उनकी मां सरिता देवी किसी काम से मनोहर के घर गई थीं तभी अचानक यह हादसा हो गया। हादसे के बाद सभी चीख रहे थे लेकिन उनकी चीख और दर्द सुनने वाला कोई नहीं था। हादसे के लगभग 4 घंटे बाद मौके पर बीसीसीएल की रेस्क्यू और प्रशासन की टीम पहुंची। यदि राहत और बचाव कार्य जल्द शुरू कर दिया जाता तो संभावना थी कि तीनों की जान बच जाती।

अवैध कोयला खनन पर नहीं रोक : हादसे की जड़ अवैध कोयला उत्खनन है। बाघमारा के विधायक शत्रुघ्न महतो पहले ही इसको लेकर आगाह कर चुके हैं। जिस समय यह घटना हुई, तब लोग चीख रहे थे, जबकि कोयला माफिया उस समय भी अपने अवैध कारोबार में जुटा था। इस हादसे के बाद भी बाघमारा, कतरास, झरिया और निरसा के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर अवैध कोयला ढुलाई जारी रही।